'हिंदुओं के पलायन के पीछे एक समुदाय के गुंडे'

"कैराना में एक वर्ग विशेष के साथ अपराध और अत्याचार हो रहा है. पुलिस और जिला प्रशासन नाकाम हो चुका है. लोग डर के कारण अपने घर और व्यापार छोड़कर पलायन कर रहे हैं.
"इन लोगों में इतनी भी हिम्मत नहीं कि पुलिस में शिकायत कर सके और अगर कभी शिकायत की भी तो पुलिसवालों ने सुनी नहीं. हमें इन बातों में सत्यता मिली."
भारतीय जनता पार्टी सांसद सत्यपाल सिंह ने बीबीसी से एक बातचीत में कहा. वो पार्टी की तरफ़ से कैराना भेजे गए नौ सदस्यीय दल का हिस्सा थे.
पार्टी के स्थानीय सांसद हुकूम सिंह ने एक सूची जारी करके कहा था कि "ज़िले से हिंदुओं का पलायन हो रहा है लेकिन उसे प्रशासन ने सही नहीं बताया था. साथ ही मीडिया में भी कुछ जगहों पर ये कहा गया कि उनमें से काफ़ी आंकड़े सवालों के घेरे में थे."

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इसके बाद बीजेपी ने हिंदुओं के पलायन की पड़ताल करने के लिए बुधवार को एक टीम कैराना भेजी थी. सत्यपाल सिंह मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर थे.
सत्यपाल सिंह जांच टीम के साथ कैराना में सैंकड़ों लोगों से मिले. उनके अनुसार उन्हें वहां ऐसे कई प्रताड़ित परिवार भी मिले जिनके सदस्यों को गोली मार दी गई है.
उनका कहना था, "जांच कमिटी के सामने जो लोग सामने आए उनसे मिलने के बाद ये बात विशेष रूप से सामने आई कि कैराना में क़ानून व्यवस्था बिलकुल ध्वस्त हो चुकी है. यदि क़ानून व्यवस्था ठीक होती, लोगों को इंसाफ़ मिलता."
हालांकि बाद में कैराना से जुड़ी जो खबरें सामने आईं उसमें कहा जा रहा है कि एक तो यहां के आपराधिक तत्व में दोनों समुदाय के लोग शामिल है और इनके ख़िलाफ़ कई और राज्यों में भी मुक़दमे चल रहे हैं.

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तो क्या सत्यपाल सिंह कैराना में दूसरे वर्ग के लोगों से मिले.
सत्यपाल सिंह का कहना है, "मैं ये नहीं कह रहा हूं कि दूसरे वर्ग विशेष के लोग एक वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं. किसी भी समुदाय में जो साधारण लोग होते हैं वे ऐसा नहीं करते. ये काम गुंडों का, बदमाशों का है."
इस सवाल पर कि क्या सारे आपराधिक तत्व एक ही समुदाय के हैं, उन्होंने बताया कि जांच कमिटी के सामने यही बात सामने आई है.
दूसरे वर्ग के लोगों से मिलने की बात पर सत्यपाल ने कहा कि हम वहां सच जानने गए थे और हमने ये नहीं कहा था कि एक ही समुदाय के लोग मिलने आए.

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कैराना में भाजपा की टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया. लेकिन सत्यपाल सिंह का मानना है कि इन लोगों को जानबूझकर भेजा गया था ताकि भीड़ जुटाई जा सके.
आख़िर में उन्होंने कहा, "मैं ये नहीं कह रहा हूं कि ये किसी वर्ग विशेष का मामला है, बल्कि इसके पीछे एक वर्ग विशेष के गैंगस्टर हैं, बदमाश हैं, गुंडे हैं. खुलेआम लोगों को गोली मारी जा रही है, रंगदारी की धमकी दी जा रही है."
(बीबीसी संवाददाता निखिल रंजन से बातचीत पर आधारित)
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