'अयोध्या जैसी ट्रेनिंग 25 सालों से हो रही'

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अयोध्या में 'आत्मरक्षा कैंप' आयोजित करने के मामले में बजरंग दल कार्यकर्ता महेश मिश्रा 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं.
कथित आत्मरक्षा कैंप का वीडियो वॉयरल होने और उसपर मचे हंगामे के बाद उत्तर प्रदेश ने केस दर्ज किया था.
अब विश्व हिंदू परिषद् के महासचिव सुरेंद्र जैन ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा है, "प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने में ग़लत क्या है? इसमें नया कुछ भी नहीं है."

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जैन ने मीडिया को जारी बयान में कहा है कि ऐसे शिविर देश में पिछले 25 सालों से आयोजति होते रहे हैं.
बजरंग दल विश्वहिंदू परिषद् की युवा शाखा है और उसका नाम विवादित रामजन्मभूमि आंदोलन की अगुवाई में भी सामने आया था.
बजरंग दल ने अयोध्या के कारसेवकपुरम में एक ट्रेनिंग कैंप लगाया था जिसमें संगठन के मुताबिक़ नौजवानों को 'आत्मरक्षा का प्रशिक्षण' दिया गया.
लेकिन कैंप के एक कथित वीडियो में, जो मीडिया में कई जगहों पर दिखाया गया, विवाद खड़ा हो गया था क्योंकि कैंप में जिन लोगों के ख़िलाफ़ हथियारबंद कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा था, उन्हें मुस्लिम युवाओं जैसा दिखाने के लिए नक़ली दाढ़ी और टोपी पहनाई गई थी.

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जबकि बजरंग दल के कार्यकर्ता हथियार और भगवा झंडे के साथ अभ्यास करते दिखाई दे रहे थे.
सुरेंद्र जैन कहते हैं, "प्रशिक्षण शिविर में किसी तरह के हथियार का प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा था. हम बस ये सिखा रहे थे कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए."
महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए बेवजह विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है.
अख़िलेश सरकार के मंत्री आज़म ख़ान ने इस पर निशाना साधते हुए कहा है, "ऐसा करने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए थी. ध्रुवीकरण की इजाज़त नहीं दी जा सकती है."

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सुरेंद्र जैन का कहना है कि इस शिविर में हमलावरों या 'आतंकियों के वही चेहरे और वस्त्र दिखाए गए हैं जो मीडिया में दिखाए जाते हैं.'
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह चुनावी लाभ के लिए सांप्रदायिक आधार पर समाज को बांटने की चालें चल रही है.
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