उत्तराखंड में बीजेपी दावा पेश कर सकती है

- Author, शिव जोशी
- पदनाम, देहरादून से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगने की सूचना मिलते ही अपनी पहली प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि "मोदी के हाथ उत्तराखंड की जनआकांक्षाओं के ख़ून से रंगे हैं."
उन्होंने कहा कि वो और उनकी पार्टी अब जनता के बीच जाएगी और बीजेपी के इस 'सरकार गिराओ अभियान' की पोल खोलेगी.
शनिवार रात एक बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने उत्तराखंड में <link type="page"><caption> राष्ट्रपति शासन</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/03/160327_uttarakhand_harish_rawat_presser_dp" platform="highweb"/></link> लगाने की सिफ़ारिश का मसौदा तैयार कर लिया था. रविवार को यह सिफ़ारिश राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए भेजी गई थी जिस पर राष्ट्रपति ने इसे अपनी मंज़ूरी दी.
इधर अधिसूचना अभी आई भी नहीं थी कि राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं.
माना जा रहा है कि बीजेपी अब सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है. बीजेपी के प्रदेश नेताओं की दिली इच्छा भी यही है और पार्टी आलाकमान भी यही चाहता है.

बीजेपी सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि, "हम राज्यपाल के पास यही गुहार लेकर गए थे कि इस सरकार को बर्ख़ास्त करें क्योंकि ये बजट के मत विभाजन में हार गई थी और हमें सरकार बनाने का मौक़ा दें."
कांग्रेस के प्रमुख बाग़ी नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि बहुत लंबे समय तक उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन न रहे और जल्द चुनाव हो जाएं.
बीजेपी की सरकार बनाने में सहयोग करने के सवाल पर बहुगुणा ने इशारों इशारों में हामी भर दी. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के हित में सरकार का बनना अच्छा ही है.

उन्होंने कहा, "मैं अपने साथियों के साथ इस विषय पर निर्णय करूंगा. लेकिन अगर निश्चित रूप से सरकार बनती है तो ये राज्य की जनता के हित में ज़्यादा अच्छा है. लेकिन ये अभी कल्पना का प्रश्न है. फिर भी पहला क़दम ये अच्छा है कि हरीश रावत पद से हटाए जाएं. मैं राष्ट्रपति के फ़ैसले का स्वागत करता हूं."
हालांकि बीजेपी को सदन के भीतर गणित अपने पक्ष में करने में ऐड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना होगा. उसके लिए बहुमत साबित करना इतना आसान शायद ही हो.
ये सब इस बात पर निर्भर करेगा कि अब तक हरीश रावत सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक, बीएसपी विधायक और एक यूकेडी विधायक का स्टैंड क्या रहता है.
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