एक और तेंदुए का डर, 129 स्कूल बंद

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

बैंगलुरु के जिस इलाके में रविवार को एक तेंदुए ने छह लोगों को घायल कर दिया उसी इलाके में दूसरे तेंदुए के आने की आशंका से 129 सरकारी और गैर सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

वन विभाग और पुलिस अधिकारियों की टीमें लगातार दो दिनों से उस स्कूल के आसपास गश्त लगा रही हैं जहां तेंदुए को पकड़ा गया था.

कर्नाटक के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डेन रवि राल्फ ने बीबीसी को बताया कि हमने वन और पुलिस अधिकारियों की एक टीम बनाई है जो रात-दिन इलाके में काम कर रही है, लेकिन तेंदुए के पंजे का कोई निशान नहीं मिला है जैसा कि पूरे इलाके में आशंका जताई जा रही थी.

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बैंगलुरु पश्चिम के 129 स्कूलों में 53 सरकारी और 76 निजी स्कूल हैं.

कर्नाटक के पब्लिक इंस्ट्रक्शन के कमिश्नर केएस सत्यमूर्ति ने कहा कि स्कूल कल भी बंद रखे जाएं या नहीं इस पर वो देर शाम फैसला करेंगे.

उन्होंने कहा कि वो वन विभाग और पुलिस अधिकारियों के फैसले का इंतजार कर रहे हैं.

जिस निजी स्कूल में घुसकर तेंदुए ने लोगों को घायल किया था, उसके अधिकारियों ने रविवार सुबह वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस को इस बारे में सूचित किया था.

उन्होंने बताया था कि सीसीटीवी कैमरे में एक तेंदुए को सुबह साढ़े चार बजे स्कूल परिसर में घूमते देखा गया है.

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तेंदुए को काबू करने में 12 घंटे का समय लगा. लेकिन तब तक तेंदुए ने जाने-माने वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ संजय गुब्बी, कुछ वन विभाग के अधिकारियों और न्यूज चैनल के कैमरामैन को घायल कर दिया.

स्कूल से करीब पांच किलोमीटर का इलाका गुंजुरपाल्या कहलाता है जहाँ बड़ी संख्या में यूकेलिप्टस के पेड़ हैं. यहां दूसरे किस्म के पेड़ और झाड़ियां भी हैं.

पेड़ों का फैलाव एक तरफ तमिलनाडु के दिण्डुक्कल और दूसरी तरफ सरजापुर और एनेकल तक है.

राल्फ का कहना है कि यह क्षेत्र मूल रुप से तेंदुए का घर है.

स्कूल के निकट एक पानी का नाला भी है जो गुंजुरपाल्या से शुरु होता है. इस नाले पर झाड़ियां भी हैं.

अधिकारियों को आशंका है कि तेंदुआ इसी नाले से होकर आया होगा.

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