'मंदिर तो बनेगा, ये सरकार नहीं तो दूसरी सही'

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- Author, नितिन श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राजस्थान से बीस टन पत्थर लाए जाने पर निर्मोही अखाड़ा ने विश्व हिन्दू पर राजनीति करने का आरोप लगाया है.
निर्मोही अखाड़ा के महंत रामदास ने कहा है कि विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी 2017 के चुनाव को देखते हुए राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति कर रही है.
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बीबीसी से पत्थर लाए जाने की पुष्टि करते हुए बताया, "पत्थर लाने का प्रयास फिर से शुरू किया गया है."
रविवार को विश्व हिंदू परिषद ने लाए गए पत्थरों की पूजा भी की थी.
मंहत रामदास ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है, "एक बार जब 1991 में नींव का पूजन हो गया है तो ये बार-बार पत्थरों का पूजन क्यों करा रहे हैं. ये सब राजनीतिक है. भाजपा की नज़र 2017 के चुनावों पर है. यहां के स्थानीय सांसद की भी इसमें भूमिका है."

उन्होंने कहा, "हम हमेशा से चाहते हैं कि वहां मंदिर बने. निर्मोही अखाड़े के संत राम मंदिर के लिए शहीद हुए हैं. निर्मोही अखाड़ा ही मंदिर बनाएगा. जो पत्थर आया है वो हिंदू समाज के पैसे से आया है."
निर्मोही अखाड़े से मतभेद के सवाल पर शरद शर्मा ने कहा, "जो निर्माण हो रहा है वह समाज के दिए गए दान से हो रहा है. राम जन्मभूमि न्यास या विश्व हिंदू परिषद सिर्फ़ एक माध्यम भर है. किसी ना किसी को तो इस काम की शुरुआत करनी ही होगी. रही बात निर्मोही अखाड़े की, वो अपना मामला लड़ें हम उसे मिलकर निपटा लेंगे. चिंता उन लोगों को करनी चाहिए जो मंदिर का विरोध कर रहे हैं."
जबकि निर्मोही अखाड़ा के महंत रामदास ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट अनुमति नहीं देगा तब तक उस स्थल पर नहीं बनेगा. राम मंदिर बनाने के लिए उस स्थल पर स्टे है.

शरद शर्मा के मुताबिक़ राम मंदिर के निर्माण का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया, "अभी मंदिर निर्माण के लिए अनुमति नहीं मिली है लेकिन कार्यशाला में सितंबर 1990 से काम चल रहा है."
उन्होंने कहा, "मंदिर निर्माण तो होगा ही. ये सरकार नहीं करेगी तो दूसरी करेगी. किसी ना किसी सरकार को करना ही है."
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