नाबालिग़ को मौका मिले, पर सुधार के बाद: जस्टिस खरे

इमेज स्रोत, AFP
निर्भया गैंगरेप मामले में एक नाबालिग दोषी को तीन साल के बाद रिहा करने से जुविनाइल जस्टिस एक्ट पर तीखी बहस छिड़ गई है.
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वीएन खरे चाहते हैं कि रिहाई से पहले नाबालिग़ अपराधी के बारे में एक प्रमाणपत्र जारी होना चाहिए कि उसमें कितना सुधार हुआ है.
बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी से ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि देखा जाना चाहिए कि दोषी को अपने किए पर कितना पछतावा है और वो ख़ुद को सुधारना भी चाहते हैं या नहीं?
जस्टिस खरे का कहना था कि नाबालिग़ मुजरिम को सुधारगृह भेजने का मक़सद यही होता है कि उसे सुधरने का भरपूर मौक़ा मिले और वह सामान्य जीवन फिर शुरू कर सके.

इमेज स्रोत, Getty
वो मानते हैं, "नाबालिग दोषी को सुधरने का मौक़ा ज़रूर मिलना चाहिए वर्ना वह हार्डकोर अपराधी बन जाएगा. पर यह सुधार अंदर से होना चाहिए और दिखना भी चाहिए. यदि उसमें सुधार नहीं हुआ हो तो उसे सुधारगृह में रखने का मक़सद ही पूरा नहीं होता है."
जस्टिस खरे कहते हैं, "इसलिए उसे एक सर्टिफ़िकेट दिया जाए कि वह वाक़ई सुधर गया है. जब तक यह सर्टिफ़िकेट नहीं मिले, तब तक उसे सुधारगृह से रिहा न किया जाए."

लेकिन न्यायधीश खरे का कहना था कि क़ानून में सुधार का असर मौजूदा मामलों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि किसी भी क़ानून के पास होने के समय के पहले के मुक़दमों पर उसे लागू नहीं किया जा सकता है.

इमेज स्रोत, epa
इसका मतलब ये है कि यदि जुविनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन कर भी दिया जाए तो निर्भया केस में इस आधार पर फ़ैसला नहीं लिया जा सकता.
दिल्ली के निर्भया केस में नाबालिग़ अपराधी को छोड़े जाने के बाद ये मांग उठी है कि जुविनाइल जस्टिस एक्ट के तहत नाबालिग़ की उम्र 18 साल से घटा कर 16 साल की जाए.
इस मामले को लेकर दिल्ली में रविवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












