'गोवंशी खाल' को लेकर पिटाई और गिरफ़्तारी

- Author, अतुल चंद्रा
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
उत्तर प्रदेश के बहराइच में 'गोवंशी जानवरों की खाल' ले जाते हुए दो लोगों को गांववालों ने पीटा और बाद में पुलिस ने इन दोनों को गिरफ़्तार कर लिया.
ये घटना रविवार को बहराइच के रामगांव में घटी.
'गोवंशी' जानवरों की खाल ले जाने और मार पिटाई की ख़बर मिलने पर पुलिस ने वहाँ पहुँच कर अफ़सर अली और पेरु नाम के दोनों लोगों को गिरफ़्तार किया है.
दोनों को उत्तर प्रदेश के गोहत्या विरोधी क़ानून के तहत गिरफ़्तार कर बहराइच की ज़िला अदालत में पेश किया गया.
कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

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बहराइच के अडिशनल पुलिस निरीक्षक अरविन्द भूषण पाण्डेय ने कहा कि प्रथम दृष्टया 'सफ़ेद' खाल गोवंशी जानवर की लग रही थी. खाल को मथुरा की फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है.
पाण्डेय ने जांच रिपोर्ट के जल्दी आने की उम्मीद जताई.
जिन लोगों ने अफ़सर अली और पेरु को मारा था उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है क्योंकि "अभी तक उनके ख़िलाफ़ किसी ने कोई शिकायत नहीं की है.''
लेकिन रामगांव थाने के स्टेशन अफ़सर डीपी कुशवाहा के मुताबिक़ जानवरों के एक डॉक्टर ने खाल की जांच के बाद उसे बैल की खाल बताया है.

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पुलिस के अनुसार अफ़सर अली और पेरु उस खाल को बोरे में लेकर मोटरसाइकिल से जा रहे थे.
रास्ते में जब वे चाय पीने के लिए रुके तो खाल देखकर लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी और फिर पेड़ से बाँध कर दोनों को मारना शुरू कर दिया.
अफ़सर अली और पेरु ने पुलिस को बताया कि ढोलक बनाने के लिए वे खाल को खरीद कर लाए थे लेकिन किससे ख़रीदा ये नहीं बता पाए.
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