हिंसक हुआ पटेल आंदोलन, कई जगह कर्फ़्यू

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गुजरात में पटेल समाज को आरक्षण दिए जाने के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हार्दिक पटेल को पहले हिरासत में लेने और फिर रिहा किए जाने के बाद कई इलाक़ों से हिंसा की ख़बरें आ रही हैं.
हार्दिक पटेल समर्थकों ने कई जगह तोड़-फोड़ की और आगजनी की घटनाओं की भी ख़बरें आ रही हैं. कुछ वाहनों में आग भी लगा दी गई.
क़रीब 10 पुलिस चौकियों को आग लगा दी गई है और कई जगह भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों पर भी हमला हुआ है.

कई विधायकों और मंत्रियों के घर पर पत्थरबाज़ी की घटनाएँ भी हुई हैं. मुंबई और दिल्ली हाईवे कई जगह जाम कर दिया गया है, जिससे वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें सड़कों पर देखी जा सकती हैं.
कई जगह कर्फ़्यू

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भी कई इलाक़ों में झड़प हुई है. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े.
सूरत और मेहसाणा में कर्फ्यू लगा दिया गया है. सूरत में सेना को बुलाया गया है. जबकि अहमदाबाद में बीएसएफ की छह टुकड़ियां तैनात कर दी गई है.

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हार्दिक पटेल के सहयोगी और पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के प्रवक्ता चिराग पटेल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और बच्चों समेत कई प्रदर्शनकारियों को पीटा है.
मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने लोगों से शांति और संयम की अपील की है और कहा है कि जनता अफ़वाहों पर ध्यान न दे.
जाँच के आदेश

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ट्विटर पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि पुलिस आयुक्त से मामले की गहन छानबीन करने को कहा गया है और दोषी लोगों को माफ़ नहीं किया जाएगा.
अहमदाबाद में मंगलवार को एक विशाल रैली का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया.
इस रैली के दौरान राज्य की भारतीय जनता पार्टी की सरकार को चेतावनी देते हुए हार्दिक पटेल ने कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो 2017 के विधानसभा चुनाव में इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा.
रैली को संबोधित करते हुए हार्दिक पटेल ने कहा, "अगर आप हमें हमारा अधिकार नहीं दोगे तो हम उसे छीन लेंगे. जो भी पटेलों के हित की बात करेगा वही पटेलों पर राज करेगा"
चेतावनी

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हार्दिक पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि 1985 में कांग्रेस का पूरी तरह सफ़ाया कर दिया गया था, आज अब भाजपा है. उन्होंने कहा कि 2017 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कमल इस कीचड़ में नहीं खिलेगा.
हार्दिक पटेल ने एकाएक घोषणा कर दी कि वे भूख हड़ताल करेंगे. साथ ही उन्होंने मांग रखी कि मुख्यमंत्री रैली स्थल पर आएँ और समिति की ओर से ज्ञापन लें.
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि राज्य सरकार को इस अल्टीमेटम पर कुछ नहीं कहना है.
सरकार ने पटेल समुदाय की मांग पर चर्चा के लिए एक सात सदस्यीय समिति बनाई है, नितिन पटेल इसकी अगुआई कर रहे हैं.
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