निवेशकों के 7 लाख करोड़ डूबने की आशंका

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चीन में आर्थिक सुस्ती का असर सोमवार को दुनिया भर के बाज़ारों पर नज़र आया और भारतीय शेयर बाज़ार ने कई साल बाद एक दिन में सबसे बड़ा गोता लगाया.
सात जनवरी, 2009 के बाद प्रतिशत के लिहाज से बीएसई में 5.94 फ़ीसदी के साथ ये सबसे बड़ी गिरावट है.
बीएसई सोमवार को 25,741.56 पर बंद हुआ जो 11 अगस्त 2014 के बाद किसी एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है.
वहीं निफ़्टी भी 490.95 अंक गिरकर 7,809 पर बंद हुआ.
दुनिया भर में गिरावट

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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस गिरावट की वजह से एक ही दिन में निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये डूबने की आशंका है.
रुपया गिरकर एक डॉलर के मुकाबले 66.74 रुपये पर पहुंच गया. सितंबर, 2013 के बाद से रुपये में यह सबसे बड़ी गिरावट है.
चीन के शेयर बाज़ारों में भी तेज गिरावट जारी रही और अस्थिर बाज़ार से ट्रेडर्स में भी घबराहट फैल रही है. शंघाई इंडेक्स 8.5 फ़ीसदी गिरकर बंद हुआ.
जून के मध्य से अब तक चीनी बाज़ार एक तिहाई गिर चुके हैं.

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सोमवार को बाज़ार बंद होते-होते तमाम एशियाई शेयर बाज़ारों में गिरावट रही.
वहीं यूरोपीय बाज़ार गिरावट के साथ ही खुले और चीन की आर्थिक सुस्ती की वजह से निवेशकों में घबराहट का असर बाज़ारों पर दिखा.
दोपहर खाने के समय तक लंदन, पेरिस और फ्रेंकफ़र्ट बाज़ार तीन से पांच फ़ीसदी तक गिर गए थे.
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