ऋतिक से रोमांटिक डेट का वो कितना करे वेट

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- Author, रविंदर सिंह रॉबिन
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
चंडीगढ़ की रहने वाली शिखा मोंगा तब 19 साल की थी जब उन्होंने ऋतिक रोशन के साथ डेट जाने की तमन्ना लिए कोका कोला कंपनी की एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था.
तब से अब तक 15 साल बीत चुके हैं. शिखा मोंगा के मुताबिक कंपनी ने ऋतिक से मिलाने का वादा नहीं निभाया.
शिखा के दोस्त भी ऋतिक से मुलाक़त न होने को लेकर उनका मज़ाक उड़ाया करते थे.
अब शिखा ने चंडीगढ़ की एक अदालत में कोका कोला पर ऋतिक रोशन के साथ डेट कराने के अपने वादे से मुकरने का आरोप लगीते हुए मुकदमा दर्ज किया है और 2.5 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा है.
'ऋतिक से नहीं मिलूँगी'

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शिखा मोंगा ने कोका कोला कंपनी से किसी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया है.
कोर्ट ने हर्जाने की दस प्रतिशत राशि जमा कराने के नियम में शिखा को छूट देते हुए उनकी अर्जी मंजूर कर ली है.
लेकिन 34 साल की हो चुकी शिखा अब ऋतिक रोशन से भी नहीं मिलना चाहतीं.
उन्होंने बीबीसी को बताया, “जब कोर्ट की मंजूरी मिली तो मुझे विश्वास नहीं हुआ लेकिन अब मैं खुश हूँ. मैं कंपनी के ख़िलाफ़ आगे की लड़ाई करने के लिए तैयार हूँ, लेकिन ऋतिक रोशन से मिलने की मेरी कोई इच्छा नहीं है.”
वो बताती हैं, “मुझे याद है कि मैं प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए ज़रूरी टोकन पाने के लिए उन दिनों रोज़ाना दो से तीन कोका कोला पी जाती थीं.”
'सालों झेला अपमान'

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पंद्रह साल पहले शिखा ने कोका कोला द्वारा कराई गई एक प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीता था.
जीतने वाले को ऋतिक रोशन के साथ एक रोमांटिक डिनर पर भेजे जाने का कंपनी ने वादा किया था.
लेकिन जीतने के बाद भी जब उन्हें ऋतिक से नहीं मिलवाया गया तो शिखा ने 2.5 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग के साथ कोर्ट में दावा कर दिया.
शिखा के पिता रवि मोंगा कहते हैं कि अब उनकी बेटी न तो 17-18 साल की रही और न ही ऋतिक रोशन कोई स्टार रहे, इसलिए रोमांटिक डेट का कोई मतलब नहीं है.
वो कहते हैं, “हमने इन सालों में बहुत अपमान झेला है, हम देरी का कारण समझते हैं, लेकिन हमें न्याय की भी उम्मीद है."
उन्होंने कहा, “अमरीका की मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला को लगता था कि वह ग़लत तरीक़े से भारतीयों को धोखा दे सकती है और वो ये भी समझते थे कि वो भारतीय क़ानून से बच निकलेंगे. ऐसा नहीं है, हम उतने ही जागरूक हैं जितने कि वो और ग़लत काम करने वालों को सज़ा देने के लिए हमारा क़ानून बहुत मज़बूत है.”
शिखा के वकील संतोष सिंह ने बताया है कि कोर्ट ने मुक़दमा चलाने की इजाज़त दे दी है. कोर्ट ने कंपनी को 24 अगस्त तक अपना जवाब भेजने को कहा है.
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