विधेयक जो हंगामे की भेंट चढ़ गए

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- Author, सलमान रावी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारतीय संसद में कुल ऐसे 64 विधेयक हैं जो लंबे समय से लटके चले आ रहे हैं, कुछ यूपीए सरकार के कार्यकाल के हैं तो कुछ को नरेंद्र मोदी सरकार पारित कराना चाहती है.
संसद के मौजूदा मानसून सत्र में सिर्फ़ एक ही विधेयक पास हो पाया है. वो है, दिल्ली उच्च न्यायालय (संशोधन) विधेयक 2015.
कुछ ऐसे विधेयक हैं जो लोकसभा में तो पारित हो गए हैं, लेकिन राज्यसभा में लटके हुए हैं.
नरेंद्र मोदी सरकार को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल है, जबकि राज्यसभा में गणित उसके पक्ष में नहीं है.

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मौजूदा सत्र में 11 नए विधेयक पेश किए जाने थे जिनमें से सिर्फ़ पांच ही पेश हो पाए हैं.
हंगामे में अटके 10 विधेयक
1. भ्रष्टाचार रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2013
2. व्हिसल ब्लोअर सुरक्षा (संशोधन) विधेयक 2015
3. कंपनी संशोधन विधेयक 2014
4. जीएसटी विधेयक (122वां संशोधन),
5. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (संशोधन) विधेयक 2014
6. बेनामी लेन-देन निरोधक (संशोधन) विधेयक 2015

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7. राष्ट्रीय जलमार्ग विधेयक 2015
8. कम्पेन्सेटरी अफ्फोरेस्टेशन विधेयक 2015
9. निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट (संशोधन) बिल 2015
10. परमाणु सुरक्षा नियामक प्राधिकरण 2011 (यूपीए ने पेश किया था, अब भी लंबित)
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