पोर्न साइटें बंद कराने के पीछे इनका हाथ

कमलेश वासवानी

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इमेज कैप्शन, वकील कमलेश वासवानी की जनहित याचिका पर कोर्ट ने पोर्न साइटों पर बैन के दिए थे निर्देश.

इंदौर हाई कोर्ट के वकील कमलेश वासवानी ही वो शख़्स हैं, जिनकी जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश देकर 850 पोर्न वेबसाइट बंद कराने को कहा.

हालांकि, मंगलवार को केंद्र सरकार ने कहा कि आठ सौ से ज़्यादा पोर्न वेबसाइटों पर लगी <link type="page"><caption> रोक को आंशिक रूप से हटाया जाएगा</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/08/150804_porn_ban_partially_lifts_aa" platform="highweb"/></link>.

बीबीसी संवाददाता अनुराग शर्मा से बातचीत में वासवानी ने इस दलील को सिरे से ख़ारिज कर दिया कि यह व्यक्तिगत आज़ादी का उल्लंघन है.

उनका मानना है कि यह मामला निजी पसंद नापसंद का नहीं है. यह मामला है अपराध का, नैतिकता और शोषण का.

'बलात्कार का रिश्ता पोर्न से'

पोर्न

वासवानी कहते हैं, "पोर्न देखने के बाद लोग बच्चों और महिलाओं का बलात्कार करते हैं. कई बार बलात्कार कांड के अभियुक्तों ने कहा है कि उन्होंने पोर्न देखने के बाद ही वारदात को अंजाम दिया था."

उनके मुताबिक़, "कुछ ने यह भी माना है कि पोर्न देखने से उन्हें बलात्कार करने की प्रेरणा मिली. इसलिए पोर्न साइट पर रोक लगा दी जानी चाहिए."

वासवानी ने यह भी कहा कि सरकार ने पहले तो साफ़ कह दिया कि पोर्न साइट को ब्लॉक करना तकनीकी रूप से मुमकिन ही नहीं है.

फिर जब उन्होंने अदालत में कहा कि सभी न सही, कुछ बड़े और आसानी से लोगों की पंहुच में आने वाले साइट तो ब्लॉक किए ही जा सकते हैं. उन्होंने 850 साइट की एक सूची अदालत को सौंपी और सरकार उन्हें ब्लॉक करने पर राज़ी हो गई है.

ख़तरनाक है पोर्न

पोर्न की मुख़ालफ़त

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वो इस तर्क को ख़ारिज करते हैं कि अपने घर में बैठ कर पोर्न देखने में कोई बुराई नहीं है.

उनका तर्क है कि जब घर में बैठ कर ड्रग्स लेना या घर में ड्रग्स रखना ग़ैरक़ानूनी है तो ये कैसे नहीं.

इसी तरह घर में बैठ कर पोर्न देखना भी ग़ैर क़ानूनी होना चाहिए. इसके असर में लोग वारदात करते हैं. लिहाज़ा यह महत्वपूर्ण नहीं है कि इसे घर में देखा गया.

वासवानी ख़ुद के अदालत जाने की वज़ह भी बताते हैं. वे कहते हैं कि बच्चे तो ख़ुद अदालत जा नहीं सकते और महिलाएं इस तरह की बातों से बचना चाहती हैं. इसलिए उन्होंने अदालत जाने का फ़ैसला किया.

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