'घरेलू हिंसा' की वजह बना व्यापमं घोटाला

- Author, राजेश चतुर्वेदी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए
मध्यप्रदेश का बहुचर्चित व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला अब कथित तौर पर घरेलू हिंसा का कारण भी बन रहा है.
पिछले दिनों इंदौर की एक लड़की ने अपनी मां के ख़िलाफ़ कोर्ट में शिकायत देकर चौंकाने वाला काम किया.
लड़की का दावा है कि उसकी मां ने सही जानकारी छिपाई और व्यापमं के ज़रिए सरकारी नौकरी हासिल कर ली.
आरोप

रचना (बदला हुआ नाम) की उम्र लगभग 15 वर्ष है. वह इंदौर में अपने पिता और दादी के साथ रहती है.
उसके वकील केके कुन्हारे ने बीबीसी को बताया कि 1998 में रचना के माता-पिता की शादी हुई थी और सन् 2000 में उसका जन्म.
एक साल बाद 2001 में रचना की मां ने व्यापमं द्वारा आयोजित नर्सिंग की परीक्षा दी. इसमें उनका चयन हो गया.
कुन्हारे के मुताबिक़ रचना की मां ने परीक्षा का फ़ॉर्म भरते समय ख़ुद को अविवाहित बताया था और नाम के साथ मायके का सरनेम इस्तेमाल किया था.
'मां का जुल्म'

इमेज स्रोत, PA
उन्होंने कहा कि रचना ने जब ये ख़बरें पढ़ीं कि व्यापमं घोटाले में कई लोगों के परिवार वालों को भी परेशान किया जा रहा है या पकड़ा जा रहा है तो वह सच बताने के लिए ज़ोर देने लगी.
वकील कुन्हारे के मुताबिक़ रचना को लगा कि कहीं वे लोग भी परेशानी में न पड़ जाएं.
लिहाज़ा उसने सच बताने के लिए मां पर दबाव बनाने की कोशिश की. लेकिन बदले में उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा.
ऐसी दवा दी गई कि उसके ब्रेन में कैल्शियम जमा हो गया.
जांच

इमेज स्रोत, Other
कुन्हारे कहते हैं कि रचना पहले पुलिस के पास गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने कोर्ट में आवेदन दिया.
जहां सुनवाई के बाद ज़िला महिला बाल विकास अधिकारी को जांच के लिए कहा गया.
जांच के बाद रचना की मां के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत इंदौर के हीरानगर थाने में केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं.
रचना के पिता का कहना है कि उनकी पत्नी कुछ सालों से एक और संतान के साथ अलग रहती है.
पत्नी से संपर्क करने के लिए उनसे नंबर मांगा तो उनका कहना था कि उनके पास नंबर नहीं है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>













