लैंड बिल का विरोध करते रहेंगे: ममता

ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर कहा है कि वे मोदी सरकार के नए भूमि अधिग्रहण विधेयक के ख़िलाफ़ हैं. उन्होंने यह भी दोहराया है कि उनकी पार्टी इसका विरोध करती रहेगी.

बीबीसी हिंदी के साथ ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) पर उनकी सहमति थी, इसलिए उनकी पार्टी ने मोदी सरकार का समर्थन किया था.

<link type="page"><caption> देखिए ममता बनर्जी से बातचीत</caption><url href="https://www.youtube.com/watch?v=MXRQibJzaY4" platform="highweb"/></link>

ममत बनर्जी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की.

उनसे बात की बीबीसी बांग्ला सेवा के संवाददाता शुभज्योति घोष ने.

बातचीत के अंश-

ममता बनर्जी

आपके सत्ता में आने से पहले बंगाल में 35 सालों तक वाम मोर्चे का शासन था. ऐसी पांच चीजें बताएं जो सत्ता में आने के बाद आपने बदली हैं.

मैं ऐसी 100 चीजें बता सकती हूं, लेकिन आपने पांच पूछा है तो मैं पांच ही बताती हूं. पहली बात तो यह है कि आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब थी. हमने राज्य की आय को दोगुना कर दिया है. हमारी आय 20 हज़ार करोड़ थी जिसे हमने 40 हज़ार करोड़ कर दिया है.

दूसरा, बंगाल में हमने ई-सुधार के तहत ई-ट्रेंडिंग, ई-कॉमर्स, ई-सर्विस टैक्स जैसी सर्विस शुरू की. इसमें पश्चिम बंगाल को भारत में पहला स्थान मिला है.

हमारे राज्य में लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए 'कन्या श्री' योजना शुरू की गई है जिसके तहत 24 लाख लड़कियों को लाभ मिलेगा.

योजना के तहत आठवीं, नौंवी, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं में पढ़ने वाली लड़कियों को स्कॉलरशिप दिया जाएगा. इसके अलावा 18 साल की उम्र होने पर सरकार की ओर से लड़कियों के बैंक अकाउंट में 25 हज़ार रुपए डाल दिए जाते हैं.

ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी

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पिछड़े मुसलमानों को 17 फ़ीसदी आरक्षण दिया गया है. इसके तहक 97 फ़ीसदी मुस्लिम आते हैं. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए भी हमने स्कॉलरशिप शुरू की.

हम पश्चिम बंगाल के नौ करोड़ लोगों में से तीन करोड़ बीस लाख लोगों को 2 रुपए प्रति किलो की दर से चावल दे रहे हैं. इसके अलावा दो करोड़ बीस लाख लोगों को 3 रुपए प्रति किलो चावल देने की योजना है.

राज्य का औद्योगिक विकास भी हुआ है. चिकित्सा के क्षेत्र में हमने 'हेल्थ फॉर ऑल' कर दिया है. शिक्षा के क्षेत्र में हमने 13 नए विश्वविद्यालय बनाए हैं. दो सौ से ज़्यादा किसान बाज़ार तैयार किए गए हैं. इसके अलाावा हम पांच सौ मार्केटिंग हब भी बना रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की परंपरा रही है और ऐसी वारदातें अब भी पश्चिम बंगाल में हो रही हैं.

ऐसा अब कुछ भी नहीं है. यह सब ग़लत है. पहले पश्चिम बंगाल इस मामले में नंबर एक था, अब नहीं है.

आपकी पार्टी किन-किन मुद्दों पर मोदी सरकार के साथ है?

राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी

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किसी राजनीतिक पार्टी का मैनिफ़ेस्टो उसकी विचारधारा से तय होता है. मैनिफ़ेस्टो में लिखा होता है कि हम क्या करेंगे और क्या नहीं. जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर हमने समर्थन की बात की थी, जो किया. हम भूमि-अधिग्रहण बिल के ख़िलाफ़ थे और हमेशा रहेंगे. हम एफ़डीआई रिटेल मार्केट के ख़िलाफ़ पहले थे और आज भी हैं. हम सांप्रदायिक मुद्दों पर कभी समझौता नहीं कर सकते.

राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी की राजनीतिक संभावनाओं को आप कैसी देखती हैं?

मैं कोई राजनीतिक भविष्यवक्ता नहीं हूँ. उनकी राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, मेरी अपनी जगह.

अगले कुछ सालों में राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका किस रूप में देखती हैं ?

मैं 23 साल तक संसद की सदस्य रही हूँ. राष्ट्रीय राजनीति का मुझे अनुभव है. बंगाल में काम करना एक चुनौती है और हमने इसे सही करने का वादा भी किया है. मुझे दिन के 24 घंटे भी कम लगते हैं. मुझे काम करना अच्छा लगता है. काम करने का जो भी मौका मुझे मिलेगा, मैं करूंगी.

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