जो नहीं चाहते, घर के नीचे निकले सोना

सोना

इमेज स्रोत, RAVI PRAKASH

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

अगर आपके आँगन के नीचे से सोना निकले तो आप खुश होंगे. लेकिन झारखंड के परासी गांव के लोग ख़ुश नहीं हैं.

वो दुआ मांग रहे हैं कि उनके आंगन के नीचे से सोना ना निकले. हाँ, हर आदमी यह ज़रूर कह रहा है कि पास के पहाड़ के नीचे से निकल आए.

दरअसल वो चाहते हैं कि सोने के लिए खुदाई के कारण उनके घर न टूटें.

इमेज स्रोत, RAVI PRAKASH

जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) के वैज्ञानिकों ने यहां धरती के अंदर सोने की खान होने का अनुमान लगाया है और ज़मीन में एक लाख टन सोना मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

बरसात के बाद ड्रिलिंग

<link type="page"><caption> ज़मीन में एक लाख टन सोना मिलने की उम्मीद</caption><url href=" http://www.bbc.com/hindi/india/2015/07/150704_gold_deposit_jharkhand_pm.shtml" platform="highweb"/></link>

यहां बरसात के बाद फिर से ड्रीलिंग कराई जाएगी. इसी के बाद इसे गोल्ड ब्लॉक बनाने पर अंतिम फैसला लिया जा सकेगा.

परासी 17 टोलों का बड़ा गांव है जहां क़रीब 6,000 लोग रहते हैं.

आदर्श ग्राम

इमेज स्रोत, Other

जीएसआई के लोगों ने यहां विजय सिंह मानकी की 12 एकड़ ज़मीन पर जगह-जगह ड्रीलिंग कराई है.

मानकी एक उपाधि है जो मुंडा आदिवासियों में ज़मींदार को दी जाती थी.

वो कहते हैं कि अगर यहां सोना निकले तो उन्हें खुशी होगी. यह जमीन पहाड़ी है. स्थानीय बोली में उसे टुंगरी कहते हैं.

झारखंड, महिलाएं

इमेज स्रोत, Other

उनका कहना है कि यह ज़मीन टुंगरी की है, लिहाजा उन पर इसके गोल्ड ब्लॉक का हिस्सा बन जाने से भी कोई बड़ा फ़र्क नहीं पड़ेगा.

मुआवज़ा

उन्हें उम्मीद है कि सरकार उन्हें ज़मीन के बदले बेहतर मुआवज़ा देगी. लेकिन उनका कहना है कि गांव के लोगों के घर नहीं टूटने चाहिए.

गोल्ड बार

इमेज स्रोत, THINKSTOCK

परासी की सबसे बुज़ुर्ग महिला बुधनी देवी ने कहा कि टुंगरी पर गोल्ड ब्लाक के बदले ग्रामीणों को उस ब्लॉक में नौकरी और ज़मीन का बेहतर मुआवज़ा मिलना चाहिए.

यहाँ आस पास के गांवों की ज़मीन पर भी ड्रिलिंग कराई गई है. उन गांवों में किस्सा ऐसा ही है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>