सरकार ने उड़ीसा के नियमगिरी पहाड़ पर बॉक्साइट खनन की अनुमति को रद्द कर दिया है. इससे आदिवासी ख़ुश हैं.
इमेज कैप्शन, अब नियमगिरि नाम से शायद ही कोई अपरिचित होगा. हाल ही में भारत सरकार ने उड़ीसा के इस पहाड़ी इलाक़े में बॉक्साइट के खनन के लिए वेदांता को दी गई पर्यावरणीय अनुमति को रद्द कर दिया है. (तस्वीरें - पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर)
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उड़ीसा में चार हज़ार फुट से भी ऊँचे नियमगिरी के पहाड़ दो कारणों से जाने जाते हैं. एक तो बॉक्साइट खनिज के प्रचुर भंडार की वजह से. जो उसके अस्तित्व के लिए ख़तरे का कारण बन गया है.
इमेज कैप्शन, दूसरे वहाँ रहने वाल डोंगरिया कंध आदिवासियों की वजह से जिनके लिए नियमगिरी के बिना ज़िंदगी की कल्पना तक मुश्किल है.
इमेज कैप्शन, लंदन की वेदांता कंपनी की एक सहयोगी कंपनी स्टरलाइट को उड़ीसा सरकार के साथ हुए समझौते के तहत नियमगिरी में बॉक्साइट खनन की अनुमति दी गई थी.
इमेज कैप्शन, स्थानीय लोगों ने खनन का ज़बरदस्त विरोध किया ख़ासकर नियमगिरि पर्वत में रहनेवाले डोंगरिया कंध और पहाड़ के नीचे रहनेवाले कुटिया कंध आदिवासियों ने. कई स्वयंसेवी संगठनों और संस्थाओं ने इसमें साथ दिया.
इमेज कैप्शन, नियमगिरि पर्वत, तक़रीबन 8000 डोंगरिया कंध आदिवासियों का घर है जो नियमगिरि को श्रद्धा से नियमराजा कहकर पुकारते हैं और पर्वत को अपना देवता मानते हैं.
इमेज कैप्शन, आदिवासी कहते हैं कि नियमराजा उन्हें बच्चों की तरह पालता है. वे वहाँ कोसला, मड़िया, कांदुल, झुडुंग, बीरी, मक्का, बाजरा, अदरक, हल्दी जैसी कई चीज़ें पैदा करते हैं.
इमेज कैप्शन, नियमगिरि पर्वत के घने जंगलों में कई फलों के पेड़ हैं जिनमें आम और कटहल शामिल हैं. वहां अन्नानास, केला,नींबू और संतरे जैसे फलों की भी कमी नहीं है. वहाँ कई औषधियाँ भी हैं.
इमेज कैप्शन, नियमगिरी जैव विविधता से भरा पड़ा है. यहाँ घने जंगल के आलावा ३२ छोटे-बड़े झरने हैं साथ ही यहाँ से दो नदियाँ निकलती हैं. यहाँ कई जंगली जानवर भी रहते हैं.
इमेज कैप्शन, वेदांता को नियमगिरी पर्वत से 780 लाख टन बॉक्साइट की खुदाई करनी थी और उसने इसकी पूरी तैयारी भी कर ली थी. इस बॉक्साइट से वेदांता एल्यूमिनियम बनाना चाहती थी.
इमेज कैप्शन, वेदांता ने बॉक्साइट खनन की प्रत्याशा में अपने संयंत्र की क्षमता में बढ़ोत्तरी भी कर ली थी. लेकिन फिलहाल उसे इस संयंत्र के लिए दूसरे खदानों पर निर्भर रहना होगा.
इमेज कैप्शन, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने वेदांता के लिए उड़ीसा सरकार को दी गई पर्यावरणीय अनुमति को रद्द कर दिया है. सरकार का कहना है कि वहाँ वन संरक्षण अधिनियम और पर्यावरणय सुरक्षा क़ानून का खुला उल्लंघन हुआ.
इमेज कैप्शन, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने आदिवासियों की इस लडा़ई में उनका साथ दिया और सरकार के फ़ैसले के बाद नियमगिरी पहुँचकर यह कहना नहीं भूले कि वे दिल्ली में आदिवासियों के सिपाही हैं.
इमेज कैप्शन, आदिवासियों का कहना है कि फ़िलहाल नियमगिरि बच गया है लेकिन उन्हें यह अहसास अभी भी सताता है कि बॉक्साइट और एल्यूमिनियम संयंत्र की वजह से ख़तरा अभी टला नहीं है.