'एक हमाम में तुम सभी नंगे हो'

    • Author, ज़ुबैर अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली

इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'ट्विटर' पर एक जंग छिड़ी है जिसका नाम #lalitgate है.

लंदन में बैठे आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के पास शब्दों की लोडेड बंदूक़ है जिससे निकली गोलियां कई लोगों को घायल कर रही हैं.

हमारे जो पाठक ट्विटर पर नहीं हैं उन्हें ये बताना चाहूंगा कि ये देश के बड़े और पावरफुल लोगों के बीच भ्रष्टाचार के आरोप और प्रत्यारोप की एक जंग है जिसकी चिंगारियां चारों तरफ फैल रही हैं.

इल्ज़ाम

वसुंधरा राजे और ललित मोदी

लंदन में बैठे ललित मोदी लगभग हर रोज़ भारत के बड़े नेताओं, सरकारी अफसरों, पत्रकारों, क्रिकेट से जुड़े लोगों और पूंजीपतियों के ख़िलाफ़ इल्ज़ाम भरे ट्वीट कर रहे हैं.

ऐसा लगता है भारत की समूची व्यवस्था उनके निशाने पर है. पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उनके ट्वीट की ज़द में आईं.

उसके बाद सोनिया गांधी, वरुण गांधी, बीसीसीआई, भाजपा के सुधांशु मित्तल और कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों को ललित मोदी ने निशाना बनाया.

उनका हर ट्वीट पहले वाले ट्वीट से अधिक खतरनाक होता है. अपने ट्वीट के माध्यम से वो ये भी दावा कर रहे हैं कि उनकी ट्विटर रूपी बंदूक में और भी कई गोलियां बाक़ी हैं.

मीडिया और ट्विटर पर इसे #lalitgate के नाम से जाना जा रहा है और खुद ललित मोदी अपने एक ताज़ा ट्वीट में कहते हैं कि इंतज़ार कीजिये #lalitgate का रियलिटी शो आईपीएल से भी अधिक बड़ा होने जा रहा है.

आईपीएल उनका आविष्कार था जिसे भारी सफलता मिली और वो अब अरबों डॉलर का खेल है.

अगर उनके ट्वीट पर विश्वास करें तो आने वाले दिनों में ललित मोदी और गंभीर आरोप लगाने वाले हैं. लेकिन सवाल ये है कि वो ट्वीट की गोलियों की अंधाधुंध बौछार क्यों कर रहे हैं?

उनके कई ट्वीट को पढ़कर ये लगता है कि उन्हें किसी ने छेड़ा और वो बदले में सबको लपेटे में ले रहे हैं, मानो वो कह रहे हों कि मुझ से टकराओगे तो बर्बाद हो जाओगे.

हस्तक्षेप

सुषमा स्वराज और ललित मोदी

इमेज स्रोत, PTI

ललित मोदी ने जब आईपीएल की शुरुआत की थी तो उस समय क्रिकेट जगत में उनकी तूती बोलती थी.

लेकिन वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में आने के बाद उनकी लोकप्रियता घटी. चार साल पहले वो भारत छोड़कर लंदन चले गए.

उन पर इल्ज़ाम है कि वे पूछताछ से बचने के लिए लंदन से वापस नहीं लौट रहे हैं.

वो हाल के दिनों में ख़बरों में उस समय आए जब ये बात सामने आई कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनकी लंदन से पुर्तगाल यात्रा में सहायता की थी.

ललित मोदी को 'अपनी पत्नी के इलाज के लिए' पुर्तगाल जाना था जिसके लिए उन्हें ब्रिटेन के अधिकारियों की इजाज़त चाहिए थी.

आरोप ये है कि सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप से उन्हें ये इजाज़त मिली. विदेश मंत्री इस आरोप को ख़ारिज कर चुकी हैं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ख़िलाफ़ भी मोदी से व्यापारिक संबंध रखने के आरोप है. वो भी इसका खंडन कर चुकी हैं.

इन आरोपों के बाद कांग्रेस पार्टी ने सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे के इस्तीफ़े की मांग की लेकिन ललित मोदी ने इसके बाद एक ट्वीट में सोनिया गांधी पर भी भ्रष्टाचार के इल्ज़ाम लगाए.

छेड़ो मत!

ललित मोदी ट्विटर

इमेज स्रोत, twitter lalitmodi

भाजपा के कुछ समर्थकों ने ट्विटर पर ही पूछा कि ललित मोदी कांग्रेस के शासनकाल में लंदन गए थे, उन्हें जाने क्यों दिया गया और फिर उन्हें वापस लाने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए.

ललित मोदी के ट्वीट से साफ़ ज़ाहिर होता है कि सरकार हो या विपक्ष वो किसी से नहीं डरते.

जो व्यक्ति उनके ट्वीट्स को रोज़ पढ़ रहा हो, उसे ऐसा लगेगा कि सरकार और विपक्ष के नेताओं के ख़िलाफ़ उनके पास कई राज़ हैं जिसके कारण उन्हें भारत वापस लाने की गंभीर कोशिश नहीं की जा रही है.

शायद ललित मोदी ये पैग़ाम देना चाहते हैं कि हमें छेड़ो मत. हमें लंदन में चैन से रहने दो वरना हम सबकी पोल खोल देंगे क्योंकि 'एक हमाम में तुम सभी नंगे हो'.

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