गोमांस खाने पर 'भारत छोड़ो' की सलाह

मुख़्तार अब्बास नक़वी

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    • Author, ज़ुबैर अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

इन दिनों बहुत सारे लोग पाकिस्तान का वनवे टिकट बाँट रहे हैं.

अब भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा है, "जो गोमांस खाए बग़ैर गुज़ारा नहीं कर सकते उन्हें पाकिस्तान या अरब देश चले जाना चाहिए."

नक़वी ने जिस टीवी शो में ये बात कही, उसी में ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असद्दुदीन ओवैसी भी हिस्सा ले रहे थे.

उन्होंने नक़वी जी से पूछा कि क्या वो गोवा के मुख्यमंत्री को भी पाकिस्तान जाने की सलाह दे रहे हैं, जिन्होंने गोवा के नागरिकों को ये आश्वासन दिया है कि वहाँ गोमांस पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी?

अधिक आक्रामकता

असदुद्दीन ओवैसी

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शिव सेना के नेता मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने का मशविरा ओवैसी को पहले भी दे चुके हैं जब उन्होंने मुसलमानों के लिए आरक्षण की माँग उठाई थी.

मार्च में शिव सेना ने असद्दुदीन ओवैसी से कहा कि अगर उन्हें मुसलमानों के लिए आरक्षण चाहिए तो उन्हें पाकिस्तान जाकर ये मांग करनी चाहिए.

शिव सेना 'घर वापसी' अभियान का विरोध करते हुए कह चुकी है कि मुसलमानों को घर वापस बुलाने के बदले, वहाँ भेजना चाहिए जहाँ जिन्ना ने उनके लिए पहले से घर बनाया है.

चुनावी मुहिम में मोदी के विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की बात कहने वाले गिरिराज सिंह तो अब केंद्रीय मंत्री हैं.

पाकिस्तान जाने की सलाह केवल मुसलमानों को नहीं दी जाती, अगर कोई हिंदू भी किसी मुद्दे पर अल्पसंख्यकों की हिमायत करता पाया जाता है तो उसे भी पाकिस्तान का रास्ता दिखाया जाता है.

भारत जाने का मशविरा?

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क्या पाकिस्तान में भी लोगों को भारत जाने का मशविरा दिया जाता है?

मैं कुछ साल पहले पाकिस्तान गया था तो वहाँ मुहाजिर कहे जाने वाले, बिहार-यूपी से गए मुसलमानों की युवा पीढ़ी के कुछ लोगों ने कहा कि वे अपने देश भारत लौटना चाहते हैं, मैंने उनसे कहा कि आपके बुज़ुर्ग भारत वापसी की बात करें तो समझ में आता है, लेकिन आप तो यहीं पैदा हुए हैं, यही आपका देश है.

मैं कराची में लड़कियों के एक स्कूल में भी गया था जहाँ कई हिंदू लड़कियाँ भारत को 'हमारा देश', 'हमारा भारत' कह रही थीं, जब मैंने कहा कि वो तो हमारा देश है, आपका देश तो पाकिस्तान है, तो वो झेंप गई.

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उस मासूम लड़की की बातों में सादगी थी, उन नौजवानों की बातों में एक दर्द था जो पाकिस्तान को नरक कहते थे और भारत 'वापस' लौटना चाहते थे, ऐसी आक्रामकता नहीं थी जो भारत के कुछ नेता दिखा रहे हैं.

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