मेरे ज़्यादा काम की भी आलोचना: मोदी

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चीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को आखिरी दिन था. शंघाई में प्रधानमंत्री ने शीर्ष कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की.

इस दौरान उन्होंने कहा, ''अब भारत बिज़नेस के लिए तैयार है, आपने बदलाव के पंख देखे होंगे. मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैं ख़ुद आपकी सफलता का ध्यान रखूंगा.''

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत-चीन के संबंधों को और मज़बूत करने का वक्त आ गया है. उन्होंने कहा कि मेरा हर एक पल देश के 125 करोड़ लोगों के लिए है.

'ज़्यादा काम पर भी आलोचना'

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शंघाई में मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को भी संबोधित किया. इस दौरान मोदी ने अपने आलोचकों पर भी चुटकी ली.

उन्होंने कहा, ''अगर कोई कम काम करे और उसकी आलोचना हो तो समझ आता है. लेकिन मेरा तो दुर्भाग्य है कि ज़्यादा काम करने की वजह से मेरी आलोचना होती है.''

मोदी ने कहा, "अगर काम करना गुनाह है तो मैं ये गुनाह बार बार करूँगा."

उन्होंने आगे कहा, ''मैं यहां मौजूद सभी लोगों से आर्शीवाद मांगता हूं. मुझे आर्शीवाद दीजिए कि मैं और भी अच्छा काम कर सकूं.''

'दुख भरे दिन बीते रे भैया'

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प्रधानमंत्री ने कहा कि जब एक साल पहले चुनाव हुए थे तब हर तरफ एक ही आवाज़ गूंज रही थी, 'दुख भरे दिन बीते रे भैया'.

उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछा, ''आप तो विदेशों में रहते हैं, जानते ही हैं कि जब कोई भारतीय विदेश जाता है तो उसके साथ कैसा बर्ताव होता था. लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है.''

उन्होंने कहा, ''अब हम सीना तान कर देश के बाहर कह सकते हैं कि हम भारत से हैं.''

चीन से मंगोलिया रवाना होते हुए मोदी ने ट्वीट किया- "गुडबाय चाइना ! मेहमाननवाज़ी के लिए मैं आभारी हूँ. मैं इस दौरे को याद रखूँगा."

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