अदालत जा सकती हैं मोदी की पत्नी

jashodaben

इमेज स्रोत, MANJUL

    • Author, अंकुर जैन
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए, अहमदाबाद से

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन मोदी ने अपनी सुरक्षा की जानकारी को लेकर सूचना के अधिकार के तहत एक और याचिका दायर की है.

इस बार उन्होंने ये याचिका गांधीनगर स्थित गुजरात के सूचना आयुक्त को दी है. उनकी पिछली याचिका पर सरकार ने उन्हें जानकारी देने से इंकार कर दिया था.

जसोदाबेन के परिजनों और वकील का कहना है कि अगर 30 दिनों के अंदर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो जसोदाबेन और उनके वकील गुजरात हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं.

जसोदाबेन ने पिछले साल नवंबर महीने में सूचना के अधिकार के तहत एक याचिका दायर कर जानना चाहा था कि उन्हें किस तरह की सुरक्षा दी गई है और सुरक्षा की उनकी पात्रता क्या है.

jashodaben

इमेज स्रोत, deepa sidana

इमेज कैप्शन, जसोदाबेन रिटायर्ड अध्यापिका हैं

यह याचिका उन्होंने मेहसाणा जिला प्रशासन के समक्ष दायर की थी.

'मुश्किल लड़ाई'

उन्होंने जिला प्रशासन से अपनी सुरक्षा से सबंधित सरकारी आदेश की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी थीं और यह भी जानना चाहा था कि प्रधानमंत्री की पत्नी होने के नाते उन्हें किस श्रेणी की सुरक्षा मिलनी चाहिए.

जसोदाबेन के भाई अशोक मोदी का कहना था, "हमें पता है कि ये एक मुश्किल लड़ाई है. हमने पहले भी अपील दायर की थी जिसे ख़ारिज कर दिया गया था. अब हमने दूसरी अपील राज्य के सूचना आयुक्त के समक्ष दायर की है."

वो कहते हैं कि "इस बार भी अगर हमें जानकारी नहीं दी गई तो हम अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे. हालांकि हम इस मामले को लेकर अदालत तक नहीं जाना चाहते. मगर क्या करें? हम मजबूर हैं."

एक सेवानिवृत स्कूली शिक्षक जसोदाबेन अपने भाई अशोक के साथ मेहसाणा ज़िले के उंझा में रहती हैं.

पिछले साल मई महीने में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जसोदाबेन की सुरक्षा में दस सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया है.

jashodaben

इमेज स्रोत, Other

इमेज कैप्शन, जसोदाबेन का कहना है कि उन्हें सुरक्षाकर्मियों से डर लगता है

अपनी याचिका में जसोदाबेन का कहना है कि उनके सुरक्षा कर्मी सरकारी गाड़ियों में चलते हैं जबकि उन्हें सार्वजनिक वाहनों पर सफर करना पड़ रहा है.

सुरक्षा कर्मियों से डर

उनका कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके सुरक्षा कर्मियों ने की थी इसलिए उन्हें अपने सुरक्षा कर्मियों से डर लगता है.

उन्होंने गुजरात की सरकार से कहा है कि वो प्रत्येक सुरक्षा गार्ड पर तैनाती का आदेश दिखाना अनिवार्य कर दे.

प्रधानमंत्री की पत्नी के वकील संदीप मोदी का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अगले तीस दिनों के अंदर उन्हें राज्य के सूचना आयुक्त की तरफ से संदेश मिलेगा. अगर, ऐसा नहीं हुआ तो फिर वो अदालत जाएंगे.

गुजरात के पूर्व सूचना आयुक्त रहे आरएन दास को लगता है कि यह मामला भी आम मामलों की तरह ही सुनवाई के लिए आएगा क्योंकि इसमें कोई जीवन-मरण का मुद्दा नहीं है.

वो कहते हैं, "यह तो सूचना आयुक्त ही तय करेंगे कि इस मामले में जसोदाबेन जानकारी लेने की हक़दार हैं या नहीं."

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>