'आठ किलोमीटर के 8000 मांगे'

- Author, दिव्या आर्या
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, काठमांडू से
नेपाल में आए भूकंप के बाद काठमांडू एयरपोर्ट पर वतन वापस लौटने के लिए भारतीयों की लंबी कतारें लगीं हुईं हैं.
फ़्लाइटें रद्द होने की वजह से बड़ी संख्या में भारतीय भी वहां फंसे हुए हैं.

काठमांडू में दोपहर तक वहां फंसे कुछ भारतीय दूतावास से सही जानकारी नहीं मिलने और कोई सुविधा नहीं मिल पाने से परेशान थे.
'पूजा रह गईं अकेली'
तमिलनाडु के वेल्लोर से आईं पूजा भंडारी ने बताया, "कल से फंसे हुए हैं, भूकंप के झटके बार-बार आ रहे हैं. जहां हम बैठे थे कल वह जगह भी भूकंप से तबह हो गई."

पूजा भंडारी ने बताया, "हम तीन लोग आए थे, अब दो लोगों का पता नहीं चल पा रहा, मुझे भारत जाना है, चाहे जैसे भी हो. कब से लाइन में लगे हैं लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही. कोई सुविधा नहीं है. ना ही दूतावास से कोई मदद मिल रही है."
कुछ और लोगों ने बताया, "हम लोग जयपुर से घूमने आए थे. कल रात से हम लोग यहां खड़े हैं. न यहां पानी है न कोई और इंतज़ाम है. भारतीय दूतावास में पहले फ़ोन किया लेकिन बाद में वह नंबर भी बंद है."
टैक्सी वाले मांग रहे हैं 8 हज़ार रुपए

एयरपोर्ट पर फंसे कुछ और लोगों ने बताया, " हम 8 किलोमीटर पैदल चलकर आए हैं क्योंकि टैक्सी वाले 8000 रुपए मांग रहे हैं."
इनमें से एक व्यक्ति ने बताया, " हम वापस जाना चाहते हैं लेकिन भारतीय दूतावास से कोई अफ़सर यहां नहीं है. टीवी में दिखा रहे हैं पर हमें कोई मदद नहीं मिली है."

हैदराबाद से आए एक भारतीय पर्यटक ने बताया, "नेपाल में परसों आए थे. कल दोपहर 2.40 पर हमारी फ़्लाइट थी लेकिन भूकंप के बाद फ़्लाइट रद्द हो गई और अब हम कल से यहीं फंसे हैं."
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