पाक का झंडा कश्मीर में पहली बार लहराया?

सैय्यद अली शाह गिलानी की रैली

इमेज स्रोत, Haziq Qadri

    • Author, हाज़िक क़ादरी
    • पदनाम, श्रीनगर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के नई दिल्ली से वापस आने पर भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया. इसमें उनके समर्थक और कश्मीर की आज़ादी के समर्थक मसर्रत आलम शामिल थे.

गिलानी के घर हैदरपुरा, श्रीनगर में हुई इस रैली में कई युवा समर्थक मौजूद थे. रैली में पाकिस्तान का झंडा फ़हराने, भारत के ख़िलाफ़ और पाकिस्तान के पक्ष में <link type="page"><caption> नारेबाज़ी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/03/150311_masrat_alam_release_sn" platform="highweb"/></link> की गई.

ट्विटर पर प्रतिक्रिया

इमेज स्रोत, twitter

इमेज कैप्शन, ट्विटर पर प्रतिक्रिया

पाकिस्तान का झंडा फ़हराने को ले कर सोशल मीडिया पर <link type="page"><caption> काफ़ी चर्चा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2015/04/150416_kashmir_banega_pakistan_twitter_du" platform="highweb"/></link> हुई. भारतीय टेलीविज़न ने भी मुद्दे को उठाया और जम्मू-कश्मीर की भारतीय जनता पार्टी और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी गठबंधन सरकार पर भी निशाना साधा गया कि इस प्रकार की रैली के लिए आज्ञा नहीं दी जानी चाहिए थी.

पहली बार नहीं लगे ऐसे नारे

बुधवार की घटना कश्मीर में अपने तरह की पहली घटना नहीं है. इससे पहले 2008 से 2010 तक कई बार भारत विरोधी प्रदर्शनों में अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थक पाकिस्तान का झंडा फ़हराते रहे हैं.

आसिया अंद्राबी
इमेज कैप्शन, आसिया अंद्राबी

इसी साल मार्च में दुख़्तराने मिल्लत की चीफ़ <link type="page"><caption> आसिया अंद्राबी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/11/131125_asiya_andrabi_claim_ra" platform="highweb"/></link> ने एक सेमीनार का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने पाकिस्तान का झंडा लहराया था.

इस पर विवाद उठने के बाद उन्हें <link type="page"><caption> गिरफ़्तार कर लिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/08/100828_andrabi_psa" platform="highweb"/></link> गया था.

हालांकि बुधवार की घटना ऐसे वक्त पर सामने आई है जब कश्मीर से विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों के लिए एक अलग इलाक़े की मांग उठ रही है. इस मांग का घाटी में आज़ादी का समर्थन करने वाले और भारत समर्थक कई राजनीतिक दल, विरोध कर रहे हैं.

प्रदर्शन

इमेज स्रोत, EPA

इमेज कैप्शन, कश्मीर में झंडे लहराए जेने के बाद शिव सेना ने किए प्रदर्शन. इसमें सैय्यद अली शाह गिलानी और मसर्रत आलम की गिरफ्तारी की मंग की गई.

भारतीय टेलीविज़न चैनल में काम करने वाली कश्मीरी पंडित अदीता राज कौल ने गिलानी की रैली में पाकिस्तान के झंडे लहराने के बारे में एक ट्वीट में लिखा है "सांप्रदायिक गुंडे सैय्यद अली शाह गिलानी के साथ मसर्रत आलम कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा फ़हरा रहे हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय को कुछ करने की ज़रूरत है."

पाकिस्तान-समर्थित भावना है

कश्मीर में पाकिस्तान के झंडा लहराने को, लंबे समय से विरोध के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.

एक युवा कश्मीरी, मुहम्मद फ़ैसल का कहना है कि यह कोई छुपी बात नहीं कि अस्सी के दशक के पृथकतावादी आंदोलन के समय से कश्मीर में पाकिस्तान-समर्थित भावना है.

मुहम्मद फ़ैसल

इमेज स्रोत, Haziq Qadri

फ़ैसल कहते हैं "क्रिकेट मैचों में, राजनीतिक रैलियों में और घरों पर पाकिस्तान का झंडा पहले भी फ़हराया गया है. ऐसा करना एक राजनीतिक बात है जिसमें कश्मीरियों का यहां की यथा स्थिति को बदलने का जज़्बा होता है.

जब एक कश्मीरी पाकिस्तान का झंडा फ़हराता है, तो वह कश्मीर के कब्ज़े के ख़िलाफ़ बोलता है."

क्रिकेट वर्ल्ड कप

इमेज स्रोत, AP

इमेज कैप्शन, इस साल क्रिकेट वर्ल्ड कप से है यह तस्वीर

इंजीनियरिंग के छात्र ओमर फ़ारूख़ कहते हैं. "कश्मीर का मुद्दा ग़लत तरीके के बंटवारा होने का नतीजा है. बंटवारे के अनुसार कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए था. पाकिस्तान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता तर्कसंगत भी है और न्यायसंगत भी."

कई टेलीविज़न चैनलों में इस बात को लेकर चर्चा हुई और कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की गठबंधन सरकार को दोष दिया है.

गठबंधन सरकार

इमेज स्रोत, PTI

इमेज कैप्शन, इस साल कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की गठबंधन सरकार बनी

हालांकि कईयों ने भारतीय टेलीविज़न चैनलों पर निशाना साधा और उन्हें ख़बरें चुनने और कश्मीर के लोगों को डराने का आरोप लगाया.

फ़ैसल कहते हैं भारतीय मीडिया कश्मीरियों को दानव रूप में दिखाने के मनहूस मंसूबे पर काम कर रही है.

वे कहते हैं, "पिछले कई सालों में भारतीय मीडिया ने कश्मीरियों के संघर्ष के ख़िलाफ़ एक कैंपेन चलाया है और उनके ख़िलाफ़ आरोपों को उचित ठहराने का काम कर रही है."

मसर्रत आलम

इमेज स्रोत, EPA

जम्मू कश्मीर पुलिस ने मसर्रत आलम के ख़िलाफ़ अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेन्शन) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.

घाटी में मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ कहते हैं कि यदि भारत स्वयं को एक गणतंत्र कहता है तो उसे विभिन्न विचारधाराओं के बर्दाश्त करने की ज़रुरत है.

सैय्यद अली शाह गिलानी की रैली

इमेज स्रोत, Haziq Qadri

ख़ुर्रम कहते हैं "कश्मीरियों की राय भारतीयों की राय से अलग है. वे अपनी आज़ादी क अधिकार मांग रहे हैं. बुधवार को हुई घटना उसी का उदारहण है. पर विभिन्न संस्थाएं और भारतीय मीडिया के ठग सरकार से अपनी राय कहने वालों के ख़़िलाफ़ मामला दर्ज करने के लिए कह रही है. यह भारत के गणतंत्र कहलाने और विभिन्न विचरधाराओं को अपनाने के दावे विरुद्ध है."

गांव में रहने वाले पत्रकार ज़ुनैद राथैर कहते हैं, कि पाकिस्तान का झंडा फहराना यह दर्शाता है कि यहां काफ़ी लोग हैं जो पाकिस्तानी विचारधारा का समर्थन करते हैं. पर इस तरह की घटनाएं मामले को और भी पेचीदा बना देती हैं और कश्मीर को 'देशी' कही जाने वाली आज़ादी की लड़ाई पर चर्चा छेड़ने की ज़रुरत को दर्शाती है.

ज़ुनैद राथैर

इमेज स्रोत, Haziq Qadri

वे कहते हैं, "पाकिस्तान का झंडा फ़हराना भारत के लिए दुख की बात तो है ही. पर साथ ही यह उनमें आज़ादी का अधिकार देने का डर भी पैदा करती है."

जाने माने कश्मीरी वकील परवेज़ इमरोज़ कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के अनुसार किसी भी देश का झंडा फहराना कोई गुनाह नहीं और इससे किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं होता.

(ये लेखक के निजी विचार हैं)

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>