सोशल मीडिया के पोस्ट पर नहीं होगी जेल
सुप्रीम कोर्ट ने आईटी क़ानून की धारा 66ए को रद्द कर दिया है.
इस धारा में पुलिस को इस बात का अधिकार था कि वो किसी व्यक्ति को आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट के लिए गिरफ्तार कर सकती थी.
इस मामले में तीन साल की सजा भी हो सकती थी.
इस क़ानून को क़ानून की एक छात्रा और कुछ स्वंयसेवी संस्थाओं ने चैलेंज किया था.
हाल में ही पुलिस ने आपत्तिजनक कांटेट के नाम पर उत्तर प्रदेश के युवा को गिरफ़्तार कर लिया था.
पहले भी कई लोगों को इसी मामले पर परेशानियों का सामना करना पड़ा है.
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