ट्विटर पर शरद यादव की छीछालेदर

जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव की ओर से महिलाओं की सुंदरता पर राज्य सभा में की गई टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर कमेंटबाज़ी चल रही है.
शरद यादव ने सोमवार को संसद में कहा कि वो अपने बयान पर क़ायम हैं और उसके लिए माफी नहीं मांगेंगे.
पेश हैं, शरद यादव के इस बयान को लेकर ट्विटर पर आई कुछ चुनिंदा टिप्पणियाँ.
किरण बेदी, पूर्व आईपीएस

इमेज स्रोत, AP
किरण बेदी ने भी ट्विटर के ज़रिए अपने गुस्से का इज़हार किया. उन्होंने अपने <link type="page"><caption> ट्विटर हैंडल</caption><url href="https://twitter.com/thekiranbedi/status/576728797891993601" platform="highweb"/></link> से कहा, ''कुछ लोगों को सुधारा नहीं जा सकता, शरद यादव उनमें से एक हैं.''
सुहेल सेठ, मार्केटिंग गुरु
सुहेल सेठ ने शरद यादव को सर्कस में काम तक करने की सलाद दे डाली. उन्होंने <link type="page"><caption> ट्वीट </caption><url href="https://twitter.com/suhelseth/status/577409143125983232" platform="highweb"/></link>किया, "शरद यादव एक बहुत ही बड़े मूर्ख हैं. उन्हें उल्लुओं के सर्कस में होना चाहिए राज्यसभा में नहीं. बेवकूफ"
सागारिका घोष, वरिष्ठ पत्रकार
सागारिक घोष ने भी शरद यादव के इस बयान से आपत्ति जताई. सागारिका घोष ने <link type="page"><caption> ट्वीट</caption><url href="https://twitter.com/sagarikaghose/status/577401843300503552" platform="highweb"/></link> करते हुए कहा, ''क्या शरद यादव राज्यसभा के लायक है. 'परकटी महिला', 'महिलाओं का पीछा किसने नहीं किया' जैसे बयानों के बाद अब स्मृति ईरानी पर उनका बयान. शर्मनाक''
प्रीतीश नंदी, फ़िल्म प्रोड्यूसर

वहीं प्रीतीश नंदी ने उन पर अपने <link type="page"><caption> ट्वीट</caption><url href="https://twitter.com/PritishNandy/status/576608280799109120" platform="highweb"/></link> के ज़रिए कटाक्ष किया. उन्होंने लिखा, ''नहीं. शरद यादव सेक्सिस्ट नहीं हैं. उनके बात करने का तरीका ही घटिया और दोषपूर्ण है. इसके लिए उनकी पीट-पीटकर हत्या करना बहुत ही छोटी वजह है.''
राजदीप सरदेसाई, वरिष्ठ पत्रकार
वहीं राजदीप सरदेसाई ने तीख़े शब्दों में उनकी आलोचना की.
उन्होंने <link type="page"><caption> ट्वीट</caption><url href="https://twitter.com/sardesairajdeep/status/576444778297974785" platform="highweb"/></link> किया, ''तो आज के कद्दू हैं शरद यादव. लगता है उन्हें और 'परकटी' महिलाओं से मिलने की ज़रूरत है.''
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