'पीडीपी के लिए अलगावादियों की अपील हमारी जीत'

हिना भट्ट

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कश्मीर में बीजेपी की सबसे ज़्यादा चर्चित उम्मीदवार STY36506371चुनाव में कौन हारा और कौन जीताचुनाव में कौन हारा और कौन जीताजम्मू और झारखंड में कौन हुआ पस्त और किसको मिली जीत.2014-12-23T15:14:25+05:302014-12-23T17:05:15+05:302014-12-23T17:19:28+05:302014-12-23T17:19:26+05:30PUBLISHEDhitopcat2 का कहना है कि अलगाववादियों का बीजेपी के ख़िलाफ़ मतदान की अपील करना पार्टी की जीत है.

बीबीसी संवाददाता विनीत खरे से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को कुछ और वक्त मिलता को वह बहुमत में भी आ सकती थी.

पढ़िए हिना भट्ट से बातचीत के मुख्य अंश.

मतदान ही जीत

गिला तो है कि हम श्रीनगर से कोई सीट नहीं जीत पाए लेकिन बीजेपी के ख़िलाफ़ जैसा अभियान चला उसे देखते हुए एक महीने में हमने काफ़ी वोट हासिल कर लिए.

हिना भट्ट, नरेंद्र मोदी

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जो अलगाववादी समूह अभी तक सिर्फ़ बहिष्कार का आह्वान करते रहे थे वह पहली बार खुलकर सामने आए और कहा कि बीजेपी को वोट न दें- पीडीपी को वोट दें.

एक तरह से यह हमारी जीत ही है. यह माना जाता था कि कश्मीर में मतदान नहीं होता है. कहीं चार तो कहीं सात फ़ीसदी होता था.

मेरे विधानसभा क्षेत्र में कभी सात फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान नहीं हुआ था, इस बार यहां 25 फ़ीसदी मतदान हुआ है- यह हमारी जीत है.

अच्छा प्रदर्शन

पीडीपी का यहां ज़मीनी नेटवर्क बेहतर रहा है, वह राज्य में सरकार भी बना चुकी है- अब जाकर उसे इतनी सीटें मिली हैं. उसके मुक़ाबले देखें तो हमने एक महीने में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है.

हिना भट्ट

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इससे पहले बीजेपी को सिर्फ़ STY36505397घाटी में भाजपा की जीत या हार?घाटी में भाजपा की जीत या हार?जम्मू-कश्मीर में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है.2014-12-23T14:20:21+05:302014-12-23T15:13:48+05:302014-12-23T15:13:48+05:302014-12-23T18:21:19+05:30PUBLISHEDhitopcat2 माना जाता था लेकिन इस बार हमारी घाटी में भी मौजूदगी रही.

कांग्रेस, जो राज्य में सरकार भी बना चुकी है, उसके पास यहां चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं थे, बीजेपी के पास थे.

आज लोग खुलकर कहते हैं कि हम बीजेपी के कार्यकर्ता हैं, वह रैलियों में जाते हैं, जय-जयकार करते हैं- तो यह हमारी जीत है.

हमें चुनाव के पहले धारा 370 का ज़िक्र करने का कोई अफ़सोस नहीं है. यह बड़ा मुद्दा बन गया था यहां. हमारा सिर्फ़ यही कहना था कि हम इस मुद्दे पर बहस चाहते हैं. हम सरकार बनाएं न बनाएं लेकिन इसे लेकर पार्टी का स्टैंड वही रहेगा.

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