रामपाल के ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा: खट्टर

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रामपाल मामले पर ट्विट किया है कि उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह के गंभीर आरोप हैं और जब तक वे आश्रम से गिरफ़्तार नहीं हो जाते तब तक उनके ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा.
इससे पहले हरियाणा में हिसार स्थित संत रामपाल के आश्रम में छह मौतें हुई. मरने वालों में पांच महिलाएं और एक बच्चा शामिल है. अभी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है.
राज्य के पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुबह में आश्रम के लोगों ने प्रशासन को चार महिलाओं के शव सौंपे हैं.
उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी सविता (31 वर्ष), रोहतक निवासी संतोष (45 वर्ष), संगरूर निवासी मलकीत कौर (50 वर्ष) और बिजनौर निवासी राजबाला (70 वर्ष) के रूप में हुई है.
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इसके अलावा बुधवार की ही सुबह उत्तर प्रदेश की ललितपुर निवासी रजनी (20 वर्ष) को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी मौत हो गई.
उन्होंने बताया कि डेढ़ साल के एक बच्चे को भी मृत अवस्था में आश्रम से बाहर लाया गया.
मौत की वजह पता नहीं

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डीजीपी वशिष्ठ ने बताया कि सभी शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद ही उनकी मौत की असली वजह का पता चल सकेगा.
पुलिस महानिदेशक ने इन मौतों की वजह पुलिस कार्रवाई होने से इनकार करते हुए कहा, "शवों पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं है. पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई है और न ही पुलिस ने आश्रम में प्रवेश किया है."
उन्होंने बताया कि मंगलवार से शुरू पुलिस कार्रवाई के बाद से आश्रम से 10 हज़ार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
उन्होंने कहा कि आश्रम में अब भी लगभग 5,000 लोग मौजूद हैं और पुलिस उन्हें निकालने की रणनीति पर काम कर रही है.
आश्रम में ही हैं रामपाल
पुलिस महानिदेशक ने दावा किया कि पुलिस ने 12 एकड़ में फैले सतलोक आश्रम को चारों तरफ़ से घेरा हुआ है और अब तक जानकारी के अनुसार रामपाल आश्रम में ही मौजूद हैं.

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उन्होंने कहा कि रामपाल और आश्रम के ख़िलाफ़ दो नए मुक़दमें भी दर्ज कराए गए हैं. उनके ख़िलाफ़ हत्या का प्रयास, आपराधिक षडयंत्र रचने और राजद्रोह की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
यह पूछे जाने पर कि रामपाल की गिरफ़्तारी के लिए क्या कोई समयसीमा निर्धारित की गई है, डीजीपी ने कहा, "पुलिस ने कोई समयसीमा तय नहीं की है. हमारे दो मक़सद हैं, निर्दोष लोगों को आश्रम से सकुशल निकालना और रामपाल की गिरफ़्तारी."
अदालत ने हरियाणा के डीजीपी और गृह सचिव को 17 नवंबर तक रामपाल को अदालत में पेश करने का आदेश दिया था.
लेकिन संत रामपाल उस दिन भी पेश नहीं हुए जिसके बाद अदालत ने 21 नवंबर तक पुलिस को उन्हें अदालत में पेश करने के आदेश दिए हैं.
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