झारखंडः कपड़ों की तरह पाला बदलते नेता

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- Author, नीरज सिन्हा
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
चुनाव में नेताओं का दल बदलना राजनीति और रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है, लेकिन झारखंड में नेताओं के बीच दल बदलने की होड़ सी लगी है.
झारखंड में 25 नवंबर से कुल पांच चरणों में चुनाव होने हैं.
अब तक 18 विधायक दूसरे दलों का दामन थाम चुके हैं. दल बदलने वालों में इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक पूर्व मंत्री और कम से कम 50 अन्य नेता भी शामिल हैं.
हालत ये हो गई है कि प्रदेश में सभी दलों की एक दूसरे पर नजरें टिकी रहती हैं कि कौन किसे खींच रहा है और कौन कहां जा रहा है.
राजनीतिक गलियारे में यह जुमला भी चल निकला है कि अब तो राजनेता कपड़े की तरह दल बदलने लगे हैं.
विस्तार से पढ़िए नीरज सिन्हा की रिपोर्ट
झारखंड में चुनाव के पहले दल बदलने की होड़ में अधिकतर नेताओं ने भाजपा में जगह पाई है.
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम मित्तल का कहना है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी की लोकप्रियता और जनाधार बढ़ने की वजह से ही दूसरे दलों के लोग भाजपा में आ रहे हैं.

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शनिवार की रात कांग्रेस ने अपने 14 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, तो इसमें भवनाथपुर क्षेत्र से पार्टी विधायक अनंत प्रताप देव का भी नाम शामिल था.
रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत जब दिल्ली से रांची लौटे, तो कांग्रेस विधायक उनके साथ ही थे.
करीब डेढ़ घंटे बाद खबर आई कि अनंत देव भाजपा में शामिल हो गए हैं और रात में भाजपा के 63 उम्मीदवारों की सूची में उनका भी नाम शामिल है.
इससे पहले गोमिया क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक माधवलाल सिंह पिछले 28 अक्तूबर को भाजपा में शामिल हो चुके हैं.
अनंत प्रताप देव का कहना है कि अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वह भाजपा में शामिल हुए हैं जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने इसे दुखद प्रवृत्ति बताया है.
चमरा लिंडा अब झामुमो में

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आदिवासी के लिए सुरक्षित विशनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चमरा लिंडा रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हो गए हैं.
इससे पहले लोकसभा चुनाव के समय चमरा लिंडा तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर लोहरदगा से चुनाव लड़े थे.
जरमुंडी से निर्दलीय विधायक हरिनारायण राय हाल ही में झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुए हैं.
चमरा लिंडा कहते हैं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ही इस राज्य का दर्द और हित समझता है. शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हम झारखंड को संवारना चाहते हैं.
झामुमो से भाजपा में
झामुमो के विधायक हेमलाल मुर्मू और विद्युतवरण महतो लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा में शामिल हुए थे.
मुर्मू को भाजपा ने राजमहल और महतो को जमशेदपुर से संसदीय चुनाव लड़ाया था. मुर्मू हार गए थे और महतो चुनाव जीत गए.
अब मुर्मू को भाजपा ने बरहेट से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया है.
हेमंत सोरेन की सरकार में मंत्री रहे साइमन मरांडी भी हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं.

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साल 2009 के चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. झाविमो के 11 नेताओं को जीत मिली थी.
इस बार चुनाव की तिथि नजदीक आने के साथ ही समरेश सिंह, जयप्रकाश भोक्ता, सत्येंद्र तिवारी, ढुल्लू महतो सहित झाविमो के 11 में से आठ विधायक भाजपा में और निजामुद्दीन अंसारी झामुमो में शामिल हो गए हैं.
सत्येंद्र तिवारी कहते हैं कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही झारखंड का सही विकास हो सकता है और यहां स्थिर सरकार बन सकती है.
मौकापरस्ती
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रजत कुमार गुप्ता इस पूरे मामले पर कहते हैं, "झारखंड, राजनीतिक अवमूल्यन के दौर से गुजर रहा है."
रजत कुमार का कहना है कि अगर दो घंटे में विधायक पार्टी बदल रहे हैं, तो इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक माना जा सकता है.
भाजपा और दूसरे दलों में शामिल होने के बाद कुछ विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है.

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झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव प्रवीण सिंह कहते है, "भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बाद से ही दूसरे दलों को तोड़ने का खेल शुरू कर दिया था. लेकिन झारखंड विकास मोर्चा की सेहत पर बहुत असर नहीं पड़ने वाला. हमारे दल में भी दूसरे दलों के नेता शामिल हो रहे हैं."लोकसभा चुनाव: तीसरे चरण के प्रमुख चेहरे और मुद्दे
पूर्व मंत्री भी आगे
दल बदलने में पूर्व मंत्री भी पीछे नहीं हैं. पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर और लालचंद महतो भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़ रहे हैं.
साल 2005 में किशोर जनता दल यूनाइटेड के टिकट से चुनाव जीते थे. बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए.
लालचंद महतो जदयू के विधायक थे. साल 2005 में राजद से चुनाव लड़कर हार गए थे. अब भाजपा से लड़ेंगे.
पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता को भाजपा ने चतरा से टिकट नहीं दिया, तो वह सोमवार को झारखंड विकास मोर्चा में शामिल हो गए हैं.
पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी झाविमो में, जोबा मांझी झामुमो में और दुलाल भुइंया भाजपा में शामिल हुए हैं. इससे पहले भुइंया झामुमो छोड़ झाविमो में आए थे.
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