दिल के साथ धड़क रही थी बंदूक की गोली

भरत शर्मा

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    • Author, अंकुर जैन,
    • पदनाम, अहमदाबाद से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

आपके दिल में क्या है? अलीगढ़ के 32 वर्षीय भरत शर्मा के दिल में तो उनकी धड़कन के साथ बंदूक की गोली धड़कती थी.

भरत शर्मा पिछले हफ़्ते अहमदाबाद के अस्पताल में आए. लेकिन उनके होश तब उड़े जब कार्डियक सर्जन डॉक्टर अनिल जैन ने उन्हें बताया की उनके दिल में गोली है और हर धड़कन से साथ हिल रही है.

धड़कन के साथ गोली

मंगलवार को डॉक्टर जैन और उनकी टीम ने ऑपरेशन कर भरत शर्मा के दिल से .20 कैलिबर की गोली निकाली.

डॉक्टर जैन कहते हैं, "मुझे आश्चर्य हुआ कि इतनी रफ़्तार से आने वाली गोली दिल में अटक कैसे गई? गोली हर धड़कन पर हिल रही थी. पहले तो ऐसा लगा मानो कोई हिंदी फ़िल्म की कहानी हो जिसमें हीरो सीने पर गोली खाकर भी बच जाता है."

डॉक्टर अनिल जैन

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इमेज कैप्शन, डॉक्टर जैन को घाव देखकर लगा गोली सीने में होनी चाहिए

हादसा जुलाई महीने में हुआ था जब एक कैश मैनेजमेंट सर्विस कंपनी में नौकरी करने वाले भरत क़रीब 37 लाख रुपए लेकर अलीगढ़ में एक बैंक के बाहर पहुंचे.

भरत के बड़े भाई मुकेश बताते हैं, "बैंक के बाहर दो लोगों ने बिना कुछ कहे भरत पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी. एक गोली कमर में और दूसरी कमर के थोड़ा ऊपर लगी."

मुकेश ने बताया कि भरत के पास दो लाख रुपए थे, जबकि उनके साथ गाड़ी में बैठे उनके साथी के पास 35 लाख रुपए. गोलियां लगने के बावजूद भरत शर्मा रुपए का थैला लेकर बैंक के अंदर घुस गए. लुटेरे गाड़ी के अंदर बैठे दूसरे शख्स से 35 लाख रुपए लूटकर भाग गए.

सफल ऑपरेशन

डॉक्टर ने कमर से तो गोली निकाली मगर दूसरी गोली का पता ही नहीं चला. भरत ने इसके बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई अस्पतालों में इलाज कराया.

मुकेश ने बताया कि उन्हें सबसे ज़्यादा डर और आश्चर्य तब हुआ जब डॉक्टर ने भरत के दिल में फंसी गोली दिखाई और कहा कि इसे ऑपरेशन कर निकालना पड़ेगा.

एक्सरे

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डॉक्टर जैन कहते हैं, "मुझे घाव देखकर लगा कि गोली सीने में होनी चाहिए. कुछ टेस्ट के बाद पता चला कि गोली दिल के दो कक्षों में फंसी है. गोली बाएं वेंट्रिकल के शीर्ष से पहले मांसपेशी में फंसी थी."

डॉक्टर जैन कहते हैं कि उनके और उनकी टीम के लिए यह अलग तरह का केस था. वो कहते हैं, "ऐसा क्यों हुआ, गोली कैसे रुक गई. इसका जवाब तो शायद मेडिकल साइंस के पास भी नहीं है."

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