भारत: बाढ़ से असम के 14 ज़िले प्रभावित

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अधिकारियों के अनुसार भारतीय सूबे उत्तर प्रदेश के बहराइच में नेपाल की ओर से अचानक से आए सैलाब के कारण 400 गांव जलमग्न हो गए हैं और 100 लोग लापता हैं.
उत्तराखंड में सैलाब और भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत हो गई है.
लखनऊ से स्थानीय पत्रकार अतुल चंद्रा ने बीबीसी को बताया कि बहराइच के ज़िलाधिकारी का कहना है प्रशासन अभी बहुत सारे क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के आने के बाद ही नुकसान की वास्तविक जानकारी हासिल हो सकेगी.
बाढ़ की वजह से पास के लखीमपुर खिरी, श्रावस्ती और गोंडा ज़िले भी प्रभावित हुए हैं.
हरिद्वार में तटबंध टूटा
उत्तराखंड के देहरादून से स्थानीय पत्रकार शिव जोशी ने बताया, "भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कम से कम 30 मौतें हुई हैं."

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उन्होंने कहा, "टिहरी बांध के जलाशय में पानी का स्तर 810 मीटर हो गया है, जबकि उसकी अधिकतम सीमा 830 मीटर है."
असम के 800 गांव प्रभावित

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सरकारी रेडियो स्टेशन ऑल इंडिया रेडियो का कहना है कि असम के 14 ज़िले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और 3 लाख 70 हज़ार आबादी प्रभावित हुई है.
डिब्रूगढ़, जोरहाट और तेज़पुर में ब्रम्हपुत्र नदी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है.
बिहार में नदियां उफान पर
सराकारी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बिहार में कमला बलान और गंडक नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण तटबंध टूट गया और इसके कारण दरभंगा और पश्चिमी चंपारण में बाढ़ आ गई.

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गंडक बराज से नदी में 3 लाख 46 हज़ार क्युसेक पानी छोड़े जाने के कारण 76 और गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं.
ख़बरों के मुताबिक़ नेपाल में जारी भारी बारिश के कारण राज्य की कोसी और अन्य नदियां उफान पर हैं. बागमती नदी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है, इसके कारण मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है.

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भुवनेश्वर में मौजूद स्थानीय पत्रकार संदीप साहू ने बीबीसी को बताया, "उड़ीसा में बाढ़ का पानी घट गया है. हालांकि कुछ गांवों में अभी भी पानी जमा है."
पिछले महीने ओडिशा में बारिश और बाढ़ के कारण अबतक 47 लोग मारे जा चुके हैं. बाढ़ के कारण पुरी ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है.
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