दंगों की भेंट चढ़ा एडल्ट फ़िल्मों का धंधा

- Author, नितिन श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
शनिवार को सहारनपुर में हुए सांप्रदायिक दंगों से साधारण व्यापार के साथ ही एडल्ट यानी वयस्क लोगों के लिए दिखाई जाने वाली फ़िल्मों पर भी गहरा असर पड़ा है.
शहर के लगभग हर हिस्से में ऐसे पुराने सिनेमा हॉल हैं जहाँ एडल्ट फ़िल्मों के रोज़ाना चार शो चलते थे जिनमें भारी भीड़ रहती थी.
सिनेमाघर वीरान
लेकिन तीन दिनों से जारी कर्फ़्यू के चलते ये सिनेमाघर वीरान पड़े हैं और इनके मालिकों को नुक़सान उठाना पड़ रहा है.
ईद के त्योहार के ठीक दो दिन पहले मुस्लिम और सिखों के बीच हुई हिंसा में तीन लोग मारे गए थे और 25 से ज़्यादा ज़ख़्मी हुए थे.

महंगी फिल्मों के प्रिंट्स खरीद कर एडल्ट फ़िल्मों वाले सिनेमाघर के मालिकों ने ईद को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार से ही शो शुरू कर दिए थे.
ईद भी फ़ीकी
आम धारणा रही है कि सामान्य दिनों में लगभग 50 फ़ीसदी दर्शकों से भरे ये सिनेमाघर त्योहार के समय हाउसफुल रहते हैं.
लेकिन शनिवार को ही दंगे हो गए जिससे शहर में कर्फ़्यू लग गया और अब कारोबार ठप पड़ा है.
अमृत टॉकीज़ ठीक उसी गुरुद्वारे के निकट है, जहाँ दंगे भड़के थे वहां फ़िल्म 'छत पर पीछे से आजा' लगी है.
अमृत टॉकीज़ के मैनेजर बताते हैं कि दंगाइयों ने आग लगाने की कोशिश की थी जिसके निशान अब भी हैं.
शहर के बीचोंबीच एक सिनेमाघर में 'जंगल लव' दिखाने वाले सिनेमाघर मालिक ने कर्फ़्यू में चार घंटे की ढील में जल्दी से हॉल तो खोला लेकिन फ़िल्म देखने कोई भी नहीं आया.
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