मोदी-शरीफ़ की मुलाक़ात में उठा आतंकवाद का मुद्दा

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नई दिल्ली में मंगलवार को हुई भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की दोतरफ़ा बातचीत में कई मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ आतंकवाद का मुद्दा भी उठा.

भारत के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दिल्ली आए नवाज़ शरीफ़ ने हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया.

भारतीय विदेश सचिव सुजाता सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बातचीत के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने 'सीमा पार आतंकवाद' के मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान को चरमपंथी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल न होने देने का उसका वादा याद दिलाया.

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उन्होंने कहा कि मोदी ने मुंबई में 2008 के चरमपंथी हमले का मुक़दमा पाकिस्तान में धीमी गति से चलने का मुद्दा भी उठाया. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार शरीफ़ के सामने मोदी ने 'आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं' को रखा.

हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने मुलाक़ात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के पास विकास और आर्थिक प्रगति के एक जैसे मुद्दे हैं, जो इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के बिना नहीं हासिल किए जा सकते हैं.''

उन्होंने कहा, ''हमें संघर्ष की बजाय सहयोग का रास्ता अख़्तियार करना चाहिए. आरोप-प्रत्यारोप आगे बढ़ने में बाधक होंगे.''

'लाहौर घोषणापत्र से करनी होगी शुरुआत'

नवाज़ शरीफ़ जामा मस्ज़िद

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इस मुलाक़ात को ऐतिहासिक और दोतरफ़ा संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने वाला बताते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए पाकिस्तान का तैयार है.

पाक प्रधानमंत्री ने कहा, ''फरवरी 1999 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर बस यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों की एक नई शुरुआत हुई थी. हमें लाहौर घोषणापत्र के उसी सूत्र से शुरुआत करनी होगी जो अक्टूबर 1999 में छूट गया था.''

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय मुद्दों की समीक्षा करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के विदेश सचिव जल्द मिलेंगे.

भारतीय विदेश सचिव सुजाता सिंह के अनुसार, दोनों देशों ने एक दूसरे को व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने पर भी बात की.

भारत पाकिस्तान को ये दर्जा पहले ही दे चुका है जबकि पाकिस्तान ने अपने व्यापारिक हितों का हवाला देते हुए अभी तक ऐसा नहीं किया है.

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50 मिनट की बातचीत

मोदी महिंदा राजपक्षे

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इससे पहले मोदी और नवाज़ शरीफ़ की बैठक 30 मिनट तक ही चलनी थी, लेकिन दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट बात हुई.

बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री के साथ नई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी मौजूद थीं.

विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी और अन्य उन सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हुई बातचीत का संक्षिप्त विवरण दिया, जो मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने भारत आए.

मोदी के साथ बैठक से पहले नवाज़ शरीफ़ ने दिल्ली की जामा मस्जि़द दौरा किया और वो लाल किला भी गए जबकि मुलाक़ात के बाद वो भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने उनके आवास पर भी गए.

वर्ष 1999 में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के निमंत्रण पर बस से लाहौर गए थे और रिश्तों को बेहतर करने के लिए पहल की गई थी. लेकिन उसके बाद कारगिल संघर्ष और नवाज शरीफ़ का तख़्तापलट हो जाने के बाद वो प्रक्रिया पटरी से उतर गई.

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नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ही भारतीय प्रधानमंत्री का पदभार संभाला है. प्रधानमंत्री के तौर पर उनका पहला दिन सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत में बीता है.

उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय बातचीत के पहले अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम और नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से मुलाक़ात की.

दोस्ती का दौर

हामिद करज़ई

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प्रधानमंत्री ने अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाक़ात में हेरात में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास पर हमले को विफल बनाने में अफ़गान सुरक्षा बलों के सहयोग की प्रशंसा की और अफ़गानिस्तान के विकास एवं पुनर्निर्माण में भारत की प्रतिबद्धता को दुहराया.

अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति करजई ने सोमवार को एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्य में कहा कि बीते शुक्रवार को हेरात में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास पर हुए हमले के पीछे चरमपंथी गुट लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है. करज़ई ने कहा कि यह जानकारी उन्हें एक पश्चिमी ख़ुफिया एजेंसी से मिली.

मुंबई हुए 2008 के हमलों के पीछे भी भारत पाकिस्तान स्थित इसी चरमपंथी संगठन को जिम्मेदार बताता है.

भूटान के प्रधानमंत्री शीरिंग टापगे के साथ मुलाक़ात में चार नई साझा जलविद्युत परियोजनाओं को शुरू करने पर मोदी ने सहमति जताई. इन विद्युत परियोजनाओं की क्षमता 2120 मेगावट होगी.

मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से मुलाकात में इसी वर्ष नेपाल जाने की भी इच्छा जताई.

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से मुलाक़ात के दौरान उन्होंने श्रीलंका में तमिल समुदाय के मुद्दों को उठाया और राष्ट्रीय मेल-मिलाप प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.

इसके अलावा उन्होंने मछुआरों के मुद्दे के अलावा 500 मोगावाट क्षमता वाली संपूर कोयला विद्युत परियोजना को जल्द शुरू करने की इच्छा जाहिर की.

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