नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण के निमंत्रण पर 'राजनीति'

नरेंद्र मोदी

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भारत के मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की छह सार्क देशों ने शामिल होने की पुष्टि की है. लेकिन अभी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के समारोह में शामिल होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है.

पहली बार भारत के किसी प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों के नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है.

इस निमंत्रण को नरेंद्र मोदी के पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने की एक अहम कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को निमंत्रण भेजने पर कांग्रेस के नेता भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साध रहे हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नरेंद्र मोदी के इस क़दम का स्वागत किया था.

श्रीलंका के राष्ट्रपति को आमंत्रित करने से तमिलनाडु की राजनीति में ख़ासा विरोध हो रहा है.

समारोह में शामिल होने वाले देश

दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस या सार्क) में शामिल छह देशों ने 16 मई को होने वाले समारोह में शामिल होने की पुष्टि की है.

इस संबंध में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने कहा कि छह सार्के देशों के नेताओं के आने की पुष्टि की.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला, भूटान के प्रधानमंत्री शोरिंग तोग्बे और अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने समारोह में आने की पुष्टि की है.

उनके ट्वीट के अनुसार श्रीलंका के राष्ट्रपति <link type="page"><caption> महिंद्रा राजपक्षे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/05/140522_tamilnadu_upset_rajapakshe_invcitation_vs.shtml" platform="highweb"/></link>, मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन और बांग्लादेश की तरफ़ से संसद की स्पीकर डॉक्टर शिरीन चौधरी ने समारोह में हिस्सा ले रही हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि सार्क देशों के अलावा मारीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की पुष्टि की है.

भारत में 'राजनीति'

एमडीएमके के प्रमुख वाइको राजनाथ सिंह के साथ

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इमेज कैप्शन, एमडीएमके प्रमुख वाइको ने श्रीलंका के राष्ट्रपति को निमंत्रण पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया.

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को मनोनीत प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आणंत्रित करने पर तमिलनाडु की <link type="page"><caption> मुख्यमंत्री जयललिता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/05/140522_tamilnadu_upset_rajapakshe_invcitation_vs.shtml" platform="highweb"/></link>, एम करुणानिधि और एनडीए के सहयोगी दल एमडीएमके के प्रमुख वाइको नाराज़गी जताते हुए विरोध किया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल एमडीएमके के प्रमुख वाइको ने नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे के निमंत्रण पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया.

तमिलों की भावनाओं का जिक्र करते हुए डीएमके प्रमुख एम करुणानिधी ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी का श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाना दुनिया के सभी तमिलों के लिए "स्वीकार्य और स्वागत योग्य नहीं है."

वहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने गुरुवार को कहा था, "हमें नई सरकार से उम्मीद थी कि वो तमिल लोगों के प्रति सहानुभूति रखेगी, लेकिन सरकार संभालने के पहले ही राजपक्षे को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किए जाने से तमिलों की भावनाएं आहत हुई हैं. पहले से ही गहरे दुख में जी रहे तमिल मानस के घावों पर यह नमक रगड़ने के समान है. तमिलनाडु के साथ नई सरकार के रिश्तों को देखते हुए इस क़दम से बचा जाता तो अच्छा होता."

<italic><bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>