ट्विटर अकाउंट पर ताला जड़ गए मनमोहन?

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- Author, पारुल अग्रवाल
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
16वीं लोकसभा का चुनाव इस बार सोशल मीडिया पर भी जमकर लड़ा गया और ये लड़ाई नई सरकार के आते और पुरानी सरकार के जाते-जाते भी जारी है.
मंगलवार शाम प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट को आर्काइव कर नई सरकार के लिए एक नया ट्विटर हैंडल तैयार किया गया है. पीएमओ के ट्विटर अकाउंट के ज़रिए सरकारी कामकाज से जुड़ी जानकारी आम लोगों को दी जाती है. ये अकाउंट प्रधानमंत्री की ओर से चलाया जाता है.
आधिकारिक अकाउंट
@PMOIndiaArchive पर लिखे संदेश के मुताबिक, ''सूचना के अधिकार के तहत @PMOIndia में 25/05/2014 तक मौजूद जानकारी को सुरक्षित किया जा रहा है. नया ट्विटर हैंडल @PMOIndia जल्द ही उपलब्ध होगा.''
लोकसभा चुनाव में हार के बाद मनमोहन सिंह अपने पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं और नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई को शपथ लेंगे. इस बीच अब आर्काइव कर दिए गए पीएमओ इंडिया के आधिकारिक अकाउंट पर 12 लाख से ज़्यादा फॉलोअर हैं.
भाजपा ने हैरानी जताई
पीएमओ के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने हैरानी जताई है.
पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा, ''हमें अपने आईटी सेल के ज़रिए इस बात की सूचना मिली. हम इस गतिविधि से हैरान हैं. पीएमओ से संबंधित विभाग और गतिविधियां एक संस्था की तरह होती हैं जिन पर किसी एक का अधिकार नहीं है.''
भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने ट्वीट कर लिखा है, ''@PMOIndia राष्ट्रीय संपत्ति है और इसे नई सरकार और उनके कार्यालय को सौंपा जाना चाहिए था.''
'फैसला कानून के तहत'
इस बीच प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी ने बीबीसी से हुई बातचीच में कहा कि ये फैसला आरटीआई कानून के तहत लिया गया है ताकि प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर अकाउंट पर जो जानकारी मौजूद है उसे उपलब्ध कराया जा सके.

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उन्होंने कहा, ''ये कोई फैसला नहीं है बल्कि ऐसा पूरी तरह से कानूनी ज़रूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है. हमने एक तरह से अपना काम समाप्त करते हुए नई सरकार को नया हैंडल सौप दिया है. पुराना अकाउंट अब ट्विटर के हवाले है जिसका पासवर्ड और हर तरह की जानकारी नई सरकार में पीएमओ दफ्तर के पास रहेगी.''
ट्विटर पर फॉलोअर्स की जंग
इस सवाल के जवाब में कि एक नया अकाउंट बनाने की ज़रूरत क्यों पड़ी पचौरी ने कहा, ''ऐसा इसलिए किया गया है ताकि अभी तक की सारी जानकारी अलग से उपलब्ध रहे. आप जानते हैं कि ट्विटर पर पुरानी जानकारी को ढूंढ़ना बेहद मुश्किल रहता है और इसलिए हमने ऐसा किया है.''
पंकज पचौरी के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा किया गया है. पीएमओ के यू-ट्यूब पन्ने को भी आर्काइव कर दिया गया है. इस पर फिलहाल 1907 सब्सक्राईबर हैं.
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच ट्विटर पर फॉलोअर्स की जंग चुनाव के दौरान से जारी रही है. हालांकि इस दौड़ में कांग्रेस कहीं पीछे है.
नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट पर जहां भारतीयों नेताओँ में सबसे अधिक 42 लाख से ज़्यादा फॉलोअर्स हैं वहीं राहुल गांधी का ट्विटर पर कोई अकाउंट नहीं है. कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लगभग एक लाख 80 हज़ार फॉलोअर हैं.












