प्रोफेसर जीएन साईंबाबा गिरफ्तार

डीयू प्रोफेसर जीएन साईबाबा

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इमेज कैप्शन, माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में डीयू प्रोफेसर जीएन साईबाबा को गिरफ्तार कर लिया गया है. (फाइल फोटो)
    • Author, अश्विन अघोर
    • पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर जीएन साईंबाबा को माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए गढचिरौली के पुलिस महानिरीक्षक रविंद्र कदम ने बीबीसी को बताया, "सन 2013 में खुफिया जानकारी के बाद हेममिश्रा तथा प्रशांत राही को गढचिरौली में गिरफ्तार किया गया था. उनके पास से पुलिस ने कुछ दस्तावेज तथा माइक्रो चिप बरामद किए थे. इन दस्तावेज़ों और माइक्रो चिप के अध्ययन से हमें पता चला कि यह दोनों अबूजमाड में वरिष्ठ माओवादी नेताओं से मिलने जा रहे थे और यह भेंट साईंबाबा की मदद से तय हुई थी."

कदम ने आगे बताया, "मिश्रा और राही से पूछताछ के बाद, गढचिरौली पुलिस की एक टीम ने सितंबर 2013 में दिल्ली जाकर साईंबाबा के घर की तलाशी ली और उनके कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और अन्य कागजात बरामद किए थे. चूंकि <link type="page"><caption> साईंबाबा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/09/130912_saibaba_raid.shtml" platform="highweb"/></link> शारीरिक रूप से विकलांग है और व्हीलचेयर पर निर्भर हैं, उन्हें उस वक्त गिरफ्तार नही किया गया था. लेकिन मिश्रा और राही से पूछताछ के बाद डेढ़ महीने पहले गढचिरौली पुलिस ने अहेरी न्यायालय में तीनों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी थी."

'माओवादियों से संबंध'

प्रोफ़ेसर जीएन साईबाबा बतौर सामाजिक कार्यकर्ता, रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट नाम की भी एक संस्था से जुड़े हुए हैं. वे 'रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट' के उपसचिव हैं.

'रेवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट' पिछले कई महीनों से माओवादियों से संबंधों के लिए खुफिया एजेंसियों के निशाने पर था.

माओवादी

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इमेज कैप्शन, पिछले कई महीनों से माओवादियों से संबंधों के लिये साईबाबा का संगठन खुफिया एजेंसियों के निशाने पर था.

गढचिरौली के पुलिस महानिरीक्षक रविंद्र कदम ने बताया, "पिछले साल अगस्त के आखिरी सप्ताह में हमने मिश्रा को गिरफ्तार किया था. उनसे पूछताछ के बाद राही के बारे में पता चला और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया."

उन्होंने कहा कि पूछताछ में मिश्रा ने बताया था कि राही ने उन्हें खुफिया संदेश माओवादी नेता गणपति को देने को कहा था.

कदम आगे कहते हैं, "जब हमने राही को गिरफ्तार करके पूछताछ की, तब उन्होंने बताया कि साईंबाबा ने उन्हें माओवादियों की सेंट्रल कमेटी से मिलने भेजा था."

साईंबाबा को शनिवार को गढचिरौली लाया जाएगा जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा.

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