कहीं छुट्टी मनाने तो नहीं चले गए युवा मतदाता?

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- Author, तुषार बनर्जी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बंगलौर से
बदलाव के लिए आंदोलनों से लेकर डिजिटल अभियानों तक, बंगलौर के आईटी जीनियस बेहद सक्रिय दिखते हैं.
राजनीतिक चर्चा में शामिल होते हैं और अपनी बात भी रखते हैं, लेकिन लगता है उनका ये जोश वोट देने के मौके पर साथ छोड़ जाता है.
बाकी कर्नाटक समेत बंगलौर की चार लोकसभा सीटों पर भी गुरूवार को मतदान हो रहे हैं. ये चार सीटें हैं - बंगलौर उत्तर, बंगलौर सेंट्रल, बंगलौर ग्रामीण और बंगलौर दक्षिण.
बंगलौर दक्षिण वो लोकसभा सीट है जहां आईटी क्षेत्र में काम करने वाले ज़्यादातर लोग रहते हैं.
कर्नाटक चुनाव आयोग से दोपहर तीन बजे तक के मिले आंकड़ों के मुताबिक बंगलौर दक्षिण में शहर की बाकी तीन सीटों के मुकाबले सबसे कम मतदान हुआ है. ये आंकड़ा 39.25 प्रतिशत है.
छुट्टी का असर
वहीं बंगलौर ग्रामीण में दोपहर तीन बजे तक 48.3 फ़ीसदी मतदान होने की जानकारी मिली है. पूरे राज्य में तीन बजे तक 47 फ़ीसदी मतदान हुआ है.
शहरी इलाकों में धीमे मतदान के पीछे एक कारण जो कई स्थानीय जानकार और मतदाता बता रहे हैं, वो ये है कि शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी होने के कारण कई लोग चार दिन की छुट्टियों पर घूमने जा चुके हैं. वो अब ऑफिस के लिए सोमवार को ही लौटेंगे.
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल झा ने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कहा, ''शहरी इलाकों में धीमी शुरुआत हुई है, लेकिन दिन में कुछ सुधार हुआ है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि दिन के अंत तक आकड़ों में सुधार आएगा.''
अनिल झा का मानना है कि अगर कुछ लोग हैं जो बिना वोट दिए छुट्टियों पर चले भी गए हैं तो उनकी तादात बहुत ज़्यादा नहीं होनी चाहिए.
ऐसे में एक बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर बंगलौर का वोटर गया कहा?
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