मोदी पर बयानबाज़ी बनेगी उमा की मुसीबत?

इमेज स्रोत, AFP
- Author, ज़ुबैर अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
नरेंद्र मोदी की लहर और दक्षिणपंथी हिंदू तत्वों का भारत की सियासत में उभरना कोई ख़राब बात नहीं है.
दुनिया भर में प्रसिद्ध अंग्रेजी अख़बार <link type="page"><caption> न्यूयॉर्क टाइम्स</caption><url href="http://mobile.nytimes.com/2014/04/02/opinion/roy-testing-the-ideas-of-india.html?referrer" platform="highweb"/></link> में नीलांजना रॉय के एक लेख में यह बात कही गई है.
लेख में इस बात की चर्चा की गई है कि किस तरह मोदी और दक्षिपंथी राजनीतिक ताकतों के सत्ता में आने के बाद भारत के आर्थिक विकास की रफ़्तार बढ़ेगी और व्यापार और उद्योग के लिए ज़मीन हासिल करने में आसानी होगी.
लेख के अनुसार इस दक्षिणपंथी हिंदू वर्ग का सामने आना नरेंद्र मोदी के आर्थिक उन्नति और राजनैतिक परिवर्तन के प्रचार को मजबूती प्रदान करता है.
<italic><link type="page"><caption> (मोदी के तीखे होते हमले) </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140401_modi_attacks_congress_election2014_pk.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
लेकिन लेख में स्वीकार किया गया है कि इस नए रुझान से यह डर भी पैदा हो गया कि मानव अधिकार की संस्थाओं पर हमले बढ़ेंगे जैसा कि, लेख के अनुसार, गुजरात में हुआ है जहाँ नरेंद्र मोदी 2001 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.
नगमा से 'बदसलूकी'

इमेज स्रोत, Reuters
दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक चलती बस में एक लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और बाद में उसकी मृत्यु के बाद देश भर में औरतों की सुरक्षा और बलात्कार के ख़िलाफ़ कड़े कानून लाने की मांग की गई थी.
केंद्र सरकार को नया कानून लाना पड़ा. लेकिन जैसा कि उस समय एक बहस के दौरान कहा गया था कि कानून बदलने की ज़रूरत हो सकती है लेकिन अधिक ज़रूरत इस बात की है कि लोगों की औरतों के प्रति मानसिकता कैसे बदले. नए कानून के बाद भी बलात्कार और महिलाओं पर हमले कम नहीं हुए हैं.
<italic><link type="page"><caption> (कांग्रेस के उम्मीदवार)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140313_congress_2nd_list_ap.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
फिल्म अभिनेत्री नगमा के साथ चुनावी प्रचार के दौरान दो बार बदसलूकी की गई. इनमें से एक में पार्टी के ही एक विधायक थे ने नगमा का भरी महफ़िल में कथित तौर पर चुम्बन लेने की कोशिश की. नगमा मेरठ से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं.
अब कांग्रेस पार्टी ने मेरठ से अपने उम्मीदवार के लिए चुनाव आयोग से अधिक सुरक्षा की मांग की है. इस खबर को <link type="page"><caption> 'एनडीटीवीडॉटकॉम'</caption><url href="http://www.ndtv.com/elections/article/election-2014/congress-seeks-security-for-nagma-winks-at-party-leader-who-kissed-her-503330?pfrom=home-lateststories" platform="highweb"/></link> के अलावा सोशल मीडिया में भी प्रकाशित किया गया है लेकिन लोग इस बात से हैरान हैं कि कांग्रेस ने अपने विधायक के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई अब तक नहीं की है.
उमा का बयान

इमेज स्रोत, pti
बड़ी और छोटी सभी पार्टियों ने औरतों की सुरक्षा को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया. यह भी एक गंभीर मुद्दा है. नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर इतिहास का हवाला दिया और बोल कर फँस गए.
कुछ महीने पहले बिहार में सिकंदर पर दिए गए बयान के बाद कल मध्य प्रदेश के रीवा शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुग़ल सम्राट अक़बर के दरबार में शास्त्रीय संगीत की जानी मानी हस्ती तानसेन सिद्धि के रहने वाले थे.
<italic><link type="page"><caption> (उमा के अलग सुर)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140401_modi_advani_uma_bharti_dp.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
लेकिन <link type="page"><caption> हिंदुस्तान टाइम्स</caption><url href="http://www.hindustantimes.com/elections2014/state-of-the-states/modi-talks-lions-roars-at-sonia-goofs-up-on-tansen/article1-1203184.aspx" platform="highweb"/></link> की एक खबर के अनुसार स्थानीय इतिहासकारों ने इसे ग़लत बताया है. तानसेन रीवा के थे, सिद्धि से उनका कोई सम्बन्ध नहीं था.
नरेंद्र मोदी के भाषण देने की क्षमता पर उमा भारती के बयान को लेकर जो चर्चा अख़बारों, न्यूज़ वेबसाइट्स और सोशल मीडिया में हो रही है, उससे दो बातें समझ में आती हैं. एक यह कि मोदी के समर्थक उनकी आलोचना बर्दाशत नहीं कर सकते.
दूसरा यह कि फ़ायरब्रांड उमा भारती के अन्दर की आग अब भी नहीं बुझी है. मोदी के ख़िलाफ़ अपने बयान को समझाते हुए वह कहती हैं कि उनकी राय लालकृष्ण आडवाणी के बारे में भी वही है जो मोदी के बारे में.
<link type="page"><caption> एनडीटीवीडॉटकॉम</caption><url href="http://www.ndtv.com/elections/article/election-2014/first-narendra-modi-now-lk-advani-joins-uma-bharti-s-non-orators-club-503297?pfrom=home-lateststories" platform="highweb"/></link> के अनुसार उमा भारती का ताज़ा बयान उन्हें एक बार फिर मुश्किलों में डाल सकता है.
उमा भारती को आडवाणी के साथ मतभेद के कारण पार्टी से निकाल दिया गया था लेकिन लेकिन कुछ सालों के बाद पार्टी में उन्हें वापस ले लिया गया.
बाज़ार पर असर

इमेज स्रोत, AFP
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष रघुराम राजन ने कहा है कि चुनाव के बाद राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद अगर आर्थिक मुद्दों से सही तरीके से निपटा जाए तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा असर नहीं पड़ेगा.
<italic><link type="page"><caption> (शेयर बाज़ार में उछाल)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140331_chidambaram_economy_tk.shtml" platform="highweb"/></link></italic>
<link type="page"><caption> 'एमएसएनडॉटकॉम'</caption><url href="http://news.in.msn.com/business/rajan-warns-of-post-election-market-turmoil" platform="highweb"/></link> के अनुसार आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि मार्केट में ताज़ा उछाल का कारण यह है कि आर्थिक जगत को चुनाव के बाद एक मजबूत सरकार की आशा है लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो बाज़ार पर कुछ समय के लिए बुरा असर पड़ सकता है.
लेकिन अगर अधिकारी सही आर्थिक क़दम उठाएं तो बाजार में उथल-पुथल नहीं देखने को मिलेगी.
<italic><bold>(बीबीसी हिन्दी के <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>












