मोदी के बारे में 'आपत्तिजनक' स्टेटस पर केस

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भारत के गोवा में भारतीय जनता पार्टी और उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर लिखे गए एक फ़ेसबुक स्टटेस को लेकर शिकायत मिलने के बाद एफ़आईआर दर्ज की गई है.
एफ़आईआर दर्ज कराने वाले अतुल पाई काने के मुताबिक देवू सुप्रिय पुरुषोत्तम चोदानकर नाम के एक व्यक्ति ने फ़ेसबुक पर ऐसा भड़काऊ कमेंट किया जिससे दो समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता है. अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि देवू सुप्रिय ने फ़ेसबुक यूज़र्स को लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने को लेकर धमकी दी है.
<link type="page"><caption> सोशल मीडिया के फ़र्श से पार्टी के अर्श तक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140320_social_media_campaigners_an.shtml" platform="highweb"/></link>
देवू सुप्रिय ने यह स्टटेस 'गोवा स्पीक्स' नामक फ़ेसबुक समूह में पोस्ट किया था. इस समूह में 22 हज़ार से ज़्यादा सदस्य हैं.
देवू सुप्रिय ने अपने स्टटेस में यह आशंका ज़ाहिर की थी कि अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो दक्षिण गोवा के ईसाई समुदाय को ख़तरा पैदा होगा.
देवू सुप्रिय ने बीबीसी से कहा कि उन्हें अपने स्टेटस में कुछ भी भड़काऊ या अपमानजनक नहीं लगता है.
देवू सुप्रिय के मुताबिक काने की यह शिकायत धारा 153 (ए), 295 (ए) और लोक प्रतिनिधित्व की धारा 125 और सूचना प्रौद्योगिकी क़ानून की धारा 66-ए के तहत दायर की गई है.
पक्ष-विपक्ष
इस बीच पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर देवु सुप्रिय और 'नरेंद्र मोदी के समर्थकों' के बीच बहस छिड़ गई. कई लोगों ने फ़ेसबुक स्टेटस के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराने को लेकर काने के फेसबुक पन्ने पर विरोध दर्ज किया है.
<link type="page"><caption> मुसीबत बनता सोशल मीडिया?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/01/140123_aap_kejriwal_social_media_aa.shtml" platform="highweb"/></link>
एफ़आईआर दर्ज होने के बाद काने ने शुक्रवार को लिखे एक पोस्ट में कहा, "वे लोग जो देवू सुप्रिय पुरुषोत्तम चोदानकर पर दर्ज कराई गई शिकायत के पीछे के कारण खोज रहे हैं, उन्हें बता दूँ कि न मैं किसी राजनीतिक पार्टी का सदस्य हूँ और न रहा हूँ. मैंने जो भी क़दम उठाया है, वह मेरा है और मैंने विषय की संवदेनशीलता को लेकर उठाया है. इस क़दम से किसी को संतुष्ट करने का मेरा कोई इरादा नहीं है."
उनकी इस पोस्ट पर कुल 73 प्रतिक्रियाएं आई हैं और 47 लोगों ने इसे पसंद किया है.
वहीं देवू सुप्रिय पुरुषोत्तम चोदानकर ने बीबीसी संवाददाता पारुल अग्रवाल से कहा, ''रविवार को कर्नाटक के नेता प्रमोद मुतालिक को भाजपा में शामिल करने की ख़बर आई थी. इस ख़बर पर मैंने फ़ेसबुक पर गोवा को लेकर बने दो फ़ोरम में से एक पर प्रतिक्रिया दी थी.''
भाजपा को 'समर्थन'

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देवू सुप्रिय ने कहा, ''अपनी पोस्ट में मैंने गुजरात दंगों को देखते हुए आशंका जताई थी कि अगर भाजपा जीती और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो दक्षिण गोवा में ईसाइयों की पहचान को ख़तरा होगा.''
उन्होंने बताया कि वो मुंबई में रहते हैं और मामला दर्ज होने की जानकारी गुरुवार को उनके एक दोस्त ने दी.
<link type="page"><caption> सोशल मीडिया पर तस्वीर बनी हथियार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140321_social_media_pictivism_pa.shtml" platform="highweb"/></link>
देवू सुप्रिय ने बताया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है. पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा का समर्थन दिया था. लेकिन अब उसकी नीतियों की मुख़ालफ़त कर रहे हैं.
मामला दर्ज होने के बाद देवू सुप्रिय ने अपने वकील से बात की है और वकील के मुताबिक इस पोस्ट पर कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है.
उन्होंने कहा, ''एक सॉफ़्ट टारगेट होने की वजह से मुझ पर यह मामला दर्ज कराया गया है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है. अगर एक आम आदमी फ़ेसबुक पर अपनी बात नहीं कहेगा तो कहाँ कहेगा''
अतुल पाई काने भारतीय उद्योगों के परिसंघ (सीआईआई) के गोवा चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष हैं.
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