तेलंगाना विधेयक आंध्र विधानसभा में नामंज़ूर

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आंध्र प्रदेश से पृथक तेलंगाना बनाने के लिए लाया गया आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल 2013 विधानसभा में गिर गया है. भारी हंगामे के बीच विधानसभा की कार्रवाई को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.
इससे पहले विधायकों ने भारी हंगामा किया. आंध्र प्रदेश से अलग तेलंगाना राज्य के निर्माण के लिए लाए जा रहे इस विधेयक को लेकर विधानसभा में पिछले चार दिन से हंगामा हो रहा है.
विधानसभा में तेलंगाना के समर्थन और विरोध में नारेबाज़ी होती रही.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण रेड्डी ने विधेयक को रद्द करने के लिए नियम 77 के तहत नोटिस दिया था. तेलंगाना समर्थक विधायकों ने इसका भारी विरोध किया था.
वहीं सीमांध्र के विधायकों ने विधेयक को रद्द किए जाने पर मतदान की अपील की थी.
इससे पहले केंद्र में अपनी ही पार्टी की सरकार को चुनौती देते हुए किरण कुमार रेड्डी ने कहा, "सरकार मौजूदा विधेयक को संसद में रखे और यदि यह पास हो जाता है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा."
'दोबारा राष्ट्रपति के पास'
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि अब विधेयक को दोबारा राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा.
दिग्विजय ने कहा कि आंध प्रदेश विधानसभा से विधेयक पर राय लेने की संवैधानिक ज़रूरत पूरी हो गई है. अब केंद्र सरकार कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद विधेयक को संसद में ला सकती है.
कैबिनेट आंध्र प्रदेश विधानसभा की सिफ़ारिशों पर विचार करेगी.
आंध्र प्रदेश विधानसभा में विधेयक के नामंज़ूर होने का संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत नया राज्य बनाने पर कोई असर नहीं होगा.
दिग्विजय ने कहा, "तेलंगाना विधेयक पर आंध्र विधानसभा में मतदान नहीं हुआ है बल्कि मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंज़ूर किया गया है."
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