राहुल गांधी और उनके कुछ विवादित बयान

राहुल गांधी

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ऐसा लगता है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानंत्री बनने को मानसिक रूप से तैयार हो गए हैं.

लेकिन कुछ लोग उनकी परिपक्वता को लेकर सवाल खड़े करते हैं. कई बार ऐसा हुआ है कि राहुल के बयान विवादों के घेरे में आ गए हैं.

कई बार तो उनके बयानों पर सफ़ाई देना कांग्रेस के लिए भी मुश्किल मालूम पड़ा है.

राहुल गांधी के कुछ ऐसे ही विवादास्पद बयानों पर एक नज़र डालते हैं:

आईएसआई और दंगा पीड़ित

24 अक्टूबर, 2013 को इंदौर में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, "मुज़फ़्फ़रनगर में जो आग लगी है. ऐसे 10-15 लड़के हैं, मुसलमान लड़के हैं, जिनके भाई-बहनों को मारा गया है. पाकिस्तान के लोग उनसे बात कर रहे हैं. पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी के लोग उन लड़कों से बात करना शुरू कर रहे हैं और मैं, उनसे बात कर रहा हूं, कह रहा हूं कि इनके बहकावे में मत आओ."

'इस्केप वेलोसिटी'

राहुल गाँधी कांग्रेस के अन्य नेताओँ के साथ

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दिल्ली के विज्ञान भवन में नौ अक्टूबर, 2013 को आयोजित दलित अधिकार सम्मेलन में दलितों के उत्थान पर राहुल गाँधी का 'इस्केप वेलोसिटी' सिद्धांत वाला भाषण बेहद चर्चित रहा.

राहुल ने भाषण में कहा कि दलितों को ऊपर उठने के लिए धरती से कई गुना ज्यादा बृहस्पति ग्रह की 'इस्केप वेलोसिटी' जैसी ताकत की जरूरत है.

'गरीबी एक मानसिक स्थिति'

इलाहाबाद के गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के कार्यक्रम में छह अगस्त, 2013 को राहुल ने कहा, "गरीबी सिर्फ एक मानसिक स्थिति यानी दिमागी हालत है और इसका खाना खाने, रुपये और भौतिक चीजों से कोई वास्ता नहीं है."

उन्होंने कहा कि जब तक कोई शख्स खुद में आत्मविश्वास नहीं लाएगा तब तक वह गरीबी के मकड़जाल से बाहर नहीं निकल पाएगा.

'मधुमक्खी का छत्ता'

राहुल गाँधी कांग्रेस के अन्य नेताओँ के साथ

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चार अप्रैल, 2013 को दिल्ली में सीआईआई के कार्यक्रम में राहुल ने कहा, "मेरे लोगों ने मुझे कहा कि भारत चीन की तुलना के चक्कर में मत पड़ो लेकिन मैं उनकी बात नहीं मानता. देखिए दो तरह की व्यवस्थाएं हैं, एक केंद्रीकृत और दूसरी विकेंद्रीकृत. चीन में केंद्रीकृत व्यवस्था है, उसे ड्रैगन कहा जाता है."

"वह साफ़ दिखता भी है. वह बड़ा है, ताकतवर है. दिखता है, बड़े-बड़े ढांचे हैं और लोग हमें हाथी कहते हैं. ड्रैगन के सामने तुलना करने के लिए, लेकिन हम हाथी नहीं है. हम मधुमक्खी का छत्ता हैं."

राहुल ने कहा था, "यह मज़ाक की बात लगती है लेकिन इस बारे में सोचिए. कौन ज़्यादा ताकतवर है हाथी या मधुमक्खी का छत्ता? दोनों की ताकत बिल्कुल अलग ढंग से काम करती है. हमें समझना होगा कि हम क्या हैं? हमारी ताकत कहां से आती है?"

'पंजाब के नशेड़ी युवा'

चंडीगढ़ के एक विश्वविद्यालय में 11 अक्टूबर, 2012 को भाषण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यूरोप के राजदूत ने कहा कि आने वाली सदी भारत की है क्योंकि यहां ह्यूमन रिसोर्स बहुत अच्छा है. लेकिन पंजाब के ह्यूमन रिसोर्स का क्या हो रहा है. यहां 10 में से सात युवा नशे की गिरफ़्त में हैं.

'यूपी के युवा'

राहुल गांधी

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भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी ने 14 नवंबर 2011 को फूलपुर से यूपी असेंबली चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत करते हुए एक रैली को संबोधित किया था.

इसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यूपी के युवा कब तक आप जाएंगे और पंजाब और दिल्ली में मजदूरी करते रहेंगे. कब तक आप महाराष्ट्र में भीख मांगते रहेंगे.

'पाकिस्तान का बंटवारा'

16 अप्रैल, 2007 को एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा, "एक बार मेरा परिवार कुछ करने का फ़ैसला कर ले तो उससे पीछे नहीं हटता. चाहे यह भारत की आज़ादी हो, पाकिस्तान का बंटवारा या फिर भारत को 21वीं सदी में ले जाने की बात हो."

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