राम के नाम पर 'मुलायम' विहिप

अशोक सिंघल ने मुलायम सिंह यादव से अयोध्या मसले पर मध्यस्थता करने का अनुरोध किया है.
इमेज कैप्शन, अशोक सिंघल ने मुलायम सिंह यादव से अयोध्या मसले पर मध्यस्थता करने का अनुरोध किया है.

काफी दिनों से ठंडे बस्ते में रहने के बाद <link type="page"><caption> रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/07/130706_amit_shah_ayodhya_rammandir_rd.shtml" platform="highweb"/></link> मुद्दा एक बार फिर तूल पकड़ रहा है.

इस बार आश्चर्यजनक रूप से विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के दरवाज़े पर दस्तक दी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद ने मुलायम सिंह यादव को राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए हिंदुओं और मुसलमानों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने को कहा है.

विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के मुताबिक मुलायम सिंह यादव ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.

विश्व हिंदू परिषद राम मंदिर आंदोलन के दौरान मुलायम सिंह यादव की भूमिका की तीखी आलोचना करती रही है.

चौरासी कोसी परिक्रमा

राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद पर मामला इस समय सुप्रीम कोर्ट में है.
इमेज कैप्शन, राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद पर मामला इस समय सुप्रीम कोर्ट में है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल और स्वामी चिन्मयानंद ने मुलायम और उनके बेटे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की.

इन दोनों ने मुलाकात के बाद कहा, “हमने मुलायम सिंह को उनकी घोषणा के बारे में याद दिलाया कि जिस दिन अदालत कह देगी कि बाबरी मस्जि़द का निर्माण किसी दूसरे ढांचे को गिराकर किया गया था, वह मंदिर के निर्माण का समर्थन करेंगे.”

पीटीआई के मुताबिक <link type="page"><caption> अशोक सिंघल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2009/11/091127_vhp_babri_pa.shtml" platform="highweb"/></link> ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं का रुख सकारात्मक था.

उन्होंने कहा, “हमने उनसे कहा कि दूसरे सभी नेताओं के मुकाबले उनकी स्वीकार्यता मुसलमानों के बीच सबसे ज़्यादा है और उन्हें मध्यस्थता करने और इस प्रक्रिया की शुरुआत के लिए पहल करनी चाहिए, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.”

उन्होंने 25 अगस्त से शुरू हो रही चौरासी कोसी परिक्रमा के बारे में भी चर्चा की.

बातचीत पर सहमति

अशोक सिंघल ने कहा कि, “मुलाकात के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष इस बात पर सहमत थे कि अदालत का निर्णय आने में काफी वक्त लगेगा और हाई कोर्ट के फैसले के मद्देनज़र बातचीत शुरू होनी चाहिए.”

स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि "संतों का एक दल इस साल मई में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिला था और उन्हें 1994 में सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल के हलफनामे के बारे में बताया था,

इस हलफनामे में कहा गया था कि अगर मस्जिद का निर्माण किसी संरचना को गिराकर हुआ होगा तो सरकार मंदिर निर्माण के पक्ष में खड़ी होगी.”

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