फिल्मों की गुणवत्ता पर व्यवसाय हावी है?

किसी भी फिल्म के रिलीज़ होने से पहले ही आजकल अकसर इस बात पर बहस शुरु हो जाती है कि क्या ये फ़िल्म 100 करोड़ कमा पाएगी -चाहे वो चेन्नई एक्सप्रेस हो, दबंग हो, भाग मिल्खा भाग हो या और कोई फिल्म.

ऐसे में कई लोग सवाल उठाने लगे हैं कि क्या फ़िल्म की गुणवत्ता के बजाए उसका व्यवसाय उस पर हावी होने लगा है.

वहीं दूसरा पक्ष ये भी है कि अगर पहले के मुकाबले फ़िल्में का बजट बड़ा और कमाई ज़्यादा हो रही है तो इसमें फ़िल्म उद्योग को फ़ायदा ही होगा और ये पैसा बेहतर फिल्में बनाने में लग पाएगा.

बीबीसी इंडिया बोल में इस शनिवार 17 अगस्त शाम साढे़ सात बजे इसी विषय पर होगी चर्चा.

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