तेज़ हुई 'नमो बनाम एमएमएस' की जंग

भुज में नरेन्द्र मोदी के भाषण के दौरान ही सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष में टिप्पणियों की बौछार शुरू हो गई.
इमेज कैप्शन, भुज में नरेन्द्र मोदी के भाषण के दौरान ही सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष में टिप्पणियों की बौछार शुरू हो गई.

सोशल मीडिया राजनीति का नया अखाड़ा बनता जा रहा है. सोशल मीडिया पर जश्ने आज़ादी के तरानों के बीच ‘नमो बनाम एमएमएस’ के अखाड़े में उतरने वाले पहलवानों की भी कमी नहीं थी.

वैसे तो भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ही इस ज़ुबानी जंग के संकेत दे दिए थे. उन्होंने कहा था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जनता को एक नहीं दो भाषण सुनने को मिलेंगे. एक भुज के लालन कॉलेज से और दूसरा लाल किले से.

मोदी यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि “एक तरफ वादे होंगे, तो एक तरफ किए गए कामों का ब्यौरा.”

नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान ही दिव्या एसपी ने ट्विटर पर लिखा कि, “क्या भाषण है. नमो हमेशा बिना किसी कागज़ का सहारा लिए बोलते हैं. उन्होंने एमएमएस (मनमोहन सिंह) का भाषण देखा और बस अपना भाषण शुरू कर दिया.”

ख़ामोशी पर चुटकी

माना जा रहा है कि इस बार लोकसभा चुनावों को सोशल मीडिया काफी प्रभावित किया जाएगा.
इमेज कैप्शन, माना जा रहा है कि इस बार लोकसभा चुनावों को सोशल मीडिया काफी प्रभावित किया जाएगा.

रमेश श्रीवत्स ने एक चुटकुले के ज़रिए प्रधानमंत्री की चुटकी ली, जिसमें एक निजी सहायक कह रहा है- सर लोग कह रहे हैं कि मोदी का भाषण आप से बेहतर था. इसपर मनमोहन सिंह कहते हैं कि- 30 जनवरी तक इंतज़ार करो. मैं उन्हें दो मिनट की ख़ामोशी से चित कर दूंगा.

दूसरी ओर मोदी पर हमला करते हुए प्रेम सेल्वम लिखते हैं कि पीएम और मोदी के भाषण में अंतर यह है कि प्रधानमंत्री का भाषण नेहरू और वाजपेयी जैसे राजनेताओं की तरह था, जबकि मोदी की शैली अभी भी सड़क के नुक्कड़ पर चाय स्टॉल के मालिक या किसी लोफ़र की तरह है.

अविनाश वाचस्पति मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी दोनों से कहते हैं कि इस देश की जनता सस्ती दरों पर प्याज़ खरीदने की आज़ादी मांग रही है.

मनोज ढडवाल ट्विटर पर कहते हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पढ़ते हैं, जबकि मोदी बोलते हैं. यह कई अंतरों में से एक है.

पुनीत कुमार फेसबुक पर मनमोहन सिंह को ग़रीब, कमज़ोर और वृद्धों का सच्चा प्रतिनिधि बताते हैं, जबकि मनोज नारायण के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राष्ट्रनिर्माण का आह्वान कर रहे है, लेकिन वो पिछले नौ साल से कहाँ थे? दोनों तरफ से ज़ुबानी जंग जारी है.

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