उत्तराखंड: डीएनए सैंपलिंग के बाद मृतकों का अंतिम संस्कार

बाढ़ प्रभावित
इमेज कैप्शन, उत्तराखंड में फँसे लोगों को निकालने में बारिश की वजह से दिक्कत आ रही है

उत्तराखंड में देहरादून, केदारनाथ, उत्तरकाशी और ऋषिकेश में रुक-रुककर हो रही तेज़ बारिश और घने बादलों के कारण राहत और बचाव में कठिनाइयाँ आ रही हैं. हेलीकॉप्टर की उड़ानें स्थगित कर दी गई हैं और कुछ जगहों पर भूस्खलन और सड़क धंसने से सड़क मार्ग भी बाधित है.

राज्य सरकार के अनुसार मारे गए लोगों की डीएनए सैंपलिंग के लिए मंगलवार को मेडिकल टीम रवाना होगी. सभी मृतकों की तस्वीर और डीएनए सैंपल लिए जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. केदारनाथ मंदिर परिसर की सफाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार 97000 लोगों को अब तक निकाल लिया गया है और अब भी 6000 लोग प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं.

महामारी का ख़तरा

विभाग अब भी सिर्फ 560 लोगों के मारे जाने और 334 के लापता होने की पुष्टि कर रहा है. जबकि अलग-अलग सूत्रों से ये संख्या 1000 से 5000 तक बताई जा रही है.

प्रशासन का दावा है कि 90 हज़ार से ज़्यादा लोगों को निकाला जा चुका है
इमेज कैप्शन, प्रशासन का दावा है कि 90 हज़ार से ज़्यादा लोगों को निकाला जा चुका है

जोशीमठ-बद्रीनाथ, उत्तरकाशी-गंगोत्री, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड को छोड़कर सभी रास्ते खुल गए हैं और प्रभावित इलाकों से टेलीफोन संपर्क कायम हो गया है.

बचकर आए लोगों से मिली सूचना के अनुसार कई जगहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

इस बीच प्रभावित इलाकों में अब महामारी का ख़तरा पैदा हो गया है और लोगों की मौत बीमारी, सदमे और भूख–प्यास से भी हो रही है.

न केवल यात्री बल्कि स्थानीय लोग भी इस संकट से जूझ रहे हैं. प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकलकर आए लोगों के विवरण तो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं.

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