उत्तराखंड आपदा: शिवसेना का मोदी पर निशाना

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के सहयोगियों को साथ लेकर चलने की कोशिश में हैं मगर उन पर एनडीए के ही एक सहयोगी दल शिवसेना ने निशाना साधा है.
इस बार मोदी आलोचना का शिकार हुए हैं उत्तराखंड से 15 हज़ार गुजरातियों को सुरक्षित निकाले जाने के दावे को लेकर.
मंगलवार को शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखे एक लेख के ज़रिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मोदी को सिर्फ़ गुजरातियों की बात नहीं करनी चाहिए.
ग़ौरतलब है कि क़ुदरत का क़हर झेल रहे <link type="page"><caption> उत्तराखंड</caption><url href=" story130625_modi_shivsena_iastory130625_uttarakhand_dna_funeral_va Details Setup & Layout Main Promotion Social Media Filename: http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130625_uttarakhand_dna_funeral_va.shtml" platform="highweb"/></link> के दौरे के बाद मोदी के बारे में एक राष्ट्रीय अंग्रेज़ी दैनिक में ख़बर छपी थी कि उन्होंने केवल एक दिन में उत्तराखंड में फंसे 15000 गुजरातियों को सुरक्षित निकाल लिया था.
इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है कि मोदी ने ऐसा कुछ किया था या उन्होंने ऐसा कोई दावा किया था लेकिन सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ये ख़बर ज़ोरों से पढ़ी और शेयर की गई है.
इसी संदर्भ में शिव सेना प्रमुख की तरफ़ से ये टिप्पणी आई है.
<link type="page"><caption> उत्तराखंड पर पढ़े बीबीसी विशेष</caption><url href=" Details Setup & Layout Promotion Social Media Filename: http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/uttarakhand_flood_special_ml.shtml" platform="highweb"/></link>
'मदद धर्म है, मेहरबानी नहीं'
उद्धव ठाकरे ने लिखा है, ''मोदी अब आप देश के नेता बने हैं और सिर्फ़ गुजरातियों को बचाने का दावा करना सही नहीं है. ऐसा प्रचार आपके लिए हानिकारक है. आप से अब राष्ट्रीय भावना से काम करने की उम्मीद है. राष्ट्रीय आपदा में कैसा धर्म, कैसा प्रांतवाद, आईटीबीपी ने अपने बचाव में ऐसा कोई भेदभाव नहीं किया.''
इस मौक़े पर उन्होंने महाराष्ट्र के कांग्रेसी मुख्यमंत्री की तारीफ़ करते हुए लिखा, ''महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने ऐसा भेदभाव नहीं किया. उन्होंने अपने राज्य के लोगों को बचाया, साथ ही औरों की भी मदद की. यह है, मराठी बाना.''
मोदी के प्रचार करने वालों को भी एक तरह से नसीहत देते हुए उद्धव ने लिखा, ''मोदी का पीआर करने वाले एक बात समझ लें. यह बताना बंद करें कि मोदी ने सिर्फ़ गुजरातियों को बचाया. यह मोदी की छवि के लिए ठीक नहीं. इससे कांग्रेस को ख़ुद की विफलता छुपाने का मौक़ा बेवजह मिल गया."
उद्धव के मुताबिक़, "मोदी के पीआर करने वाले याद रखें कि राष्ट्रीय आपदा में मदद धर्म है, मेहरबानी नहीं. शिवसेना भी अपने तरीक़े से मदद कर रही है, क्योंकि हमारा दिल हिन्दुस्तानी है.''
उधर पार्टी के भीतर मोदी के एक कथित विरोधी समझे जाने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मोदी के उत्तराखंड दौरे पर टिप्पणि की है.
सोमवार को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''हमारी पहली प्राथमिकता वहां फंसे लोगों को बचाने की होनी चाहिए. मंदिर बनाने के लिए अभी इंतज़ार किया जा सकता है.''
ग़ौरतलब है कि मोदी ने अपने उत्तराखंड दौरे पर कहा था कि केदारनाथ मंदिर को बनाने के लिए उनका राज्य गुजरात हर संभव मदद करने को तैयार है.
मोदी पर हो रही आलोचना का पार्टी ने बचाव किया है.

भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने मंगलवार को कहा कि राहत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और कहीं से भी मदद मिल रही को स्वीकार करना चाहिए.
नक़वी के अनुसार मोदी पूरे भारत के बारे में सोचते हैं लेकिन गुजरात के बारे में सोचना उनका नैतिक कर्तव्य है.
उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहत की सामग्री एक हफ्ते पहले तैयार थी लेकिन युवराज के विदेश से लौटने के बाद पूरा तामझाम करके रवाना किया गया.
शिवसेना ने सोमवार को भी सामना में छपे एक लेख के ज़रिए भाजपा पर हमला करते हुए पूछा था कि आख़िर एनडीए में नए सहयोगी कहां से आएंगे.
इस लेख में भी परोक्ष रूप से मोदी को ही निशाना बनाया गया था क्योंकि नरेंद्र मोदी के ही मुद्दे पर <link type="page"><caption> जनता दल-यू</caption><url href="Filename: http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130616_jdu_bjp_split_akd.shtml" platform="highweb"/></link> ने एनडीए छोड़ दिया था.
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