उत्तराखंड: राहत और बचाव कार्य की तस्वीरें

    • Author, नितिन श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, ऋषिकेश से

उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा की वजह से राज्य में जगह-जगह फँसे लोगों को बचाने का प्रयास जारी है. इस काम में सेना, वायुसेना, अर्धसैनिक बलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) के जवान लगे हुए हैं.

<link type="page"><caption> बचाव अभियान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130620_uttrakhand_toll_ss.shtml" platform="highweb"/></link> में लगी एजेंसियों ने बहुत से लोगों को बचाकर सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया है. इन्हीं में से एक थीं अनीता. इनके चेहरे पर सुरक्षित पहुँच जाने का भाव आसानी से देखा जा सकता था.

सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान जिन लोगों को बचाकर सुरक्षित ला रहे हैं, अधिकारी उनकी जानकारी दर्ज कर रहे हैं. जिससे उनका ब्यौरा दर्ज हो सके और आगे की कार्रवाई में आसानी हो सके.

वायुसेना ने अपने जिन हेलिकॉप्टरों को उत्तराखंड में राहत और बचाव के अभियान में लगाया है, उनमें एमआई-16 और एमआई-26 हेलिकॉप्टर शामिल हैं. वायुसेना ऐसे छह और हेलिकॉप्टरों को इस काम में लगाने वाली है.

इस बुजुर्ग महिला और उनके साथियों को भी जवान बचा के लाए. इनके जैसे हजारों लोग अब भी अलग-अलग जगहों पर फँसे हुए हैं.राहत और बचाव कार्य में वायुसेना के 29 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं.

फंसे हुए लोगों को बचाकर लाने के साथ-साथ सेना के हेलिकॉप्टरों में फंसे हुए लोगों के लिए राहत सामग्री भी पहुँचाई जा रही है. खबरों के मुताबिक फंसे हुए लोगों को भोजन और पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. इस वजह से उनके पास खाद्य सामग्री और पीने का पानी पहुँचाया जाना बहुत जरूरी है.

राहत और बचाव के काम में लगी एजेंसियों का कहना है कि अभियान को पूरा होने में अभी काफी समय लगेगा. पिछले दो दिनों में बहुत से पीड़ित लोगों को वहाँ से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया है.

पहाड़ी रास्तों के बाढ़ में बह जाने की वजह से बाढ़ प्रभावित इलाकों का सड़क संपर्क टूट गया है. इस वजह से वहाँ हवाई मार्ग से ही राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. एक एयर बेस पर प्रभावितों तक पहुंचाने के लिए राहत सामग्री पैक करते सरकारी कर्मचारी.

सरकार ने पीड़ितों और फंसे हुए लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए राहत सामग्री के इंतजाम किए हैं. उत्तराखंड के एक एयर बेस पर रखी हुई राहत सामग्री.

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