आडवाणी से मिलने पहुंच रहे बीजेपी नेता

भारतीय जनता पार्टी नेता लाल कृष्ण आडवाणी को मनाने की कोशिशें जारी हैं. हालांकि इस बारे में समझौते का कोई फॉर्मूला अभी तक सामने नहीं आया है.
बीजेपी उपाध्यक्ष और मध्यप्रेदश की नेता उमा भारती उनसे दिल्ली में मिल रही हैं.
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एलके आडवाणी की क़रीबी मानी जाती हैं. वो गोवा में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी शामिल नहीं हुई थीं.
पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी भी उनसे मिलने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. कहा जा रहा है कि नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नेताओं से इस बारे में बात की थी.
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने तो अपने बयान में साफ साफ कहा है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने इस बारे में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हालांकि आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव ने अपने ट्विटर संदेश में घटना दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने उम्मीद जताया कि पार्टी नेता आडवाणी को इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए राज़ी कर लेंगे.
मीडिया में प्रसारित खबरों में कहा गया है कि विश्व हिंदु परिषद और आरएसएस के नेता भी आडवाणी से इस्तीफा वापस लेने के बारे में मुलाकात करेंगे.
<link type="page"><caption> (ये भी पढ़ें --आडवाणी लौह पुरुष या कट्टरपंथी?)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130610_advani_profile_rf.shtml" platform="highweb"/></link>
मोदी पर समझौता नहीं
गोवा की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री <link type="page"><caption> नरेन्द्र मोदी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130610_indira_modi_rasheed_kidwai_vd.shtml" platform="highweb"/></link> को 2014 चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष चुना गया. आडवाणी इस बैठक में शामिल नहीं थे.
राजनाथ सिंह ने कहा कि आडवाणी तबियत ख़राब होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाए. लेकिन बैठक के ख़त्म होने के ठीक एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी के तीन अहम पदों से इस्तीफ़ा दे दिया.

अपने त्यागपत्र में उन्होंने ये भी कहा कि वो पार्टी के काम काज के तरीक़े से खुश नहीं हैं.
कहा ये जा रहा है कि आडवाणी मोदी के बढ़ते प्रभाव से नाराज़ हैं.
हालांकि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है.
लेकिन पार्टी ने ये भी संकेत दिया है कि मोदी के नाम पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
मोदी ने भी आडवाणी से अपना <link type="page"><caption> इस्तीफा वापस </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130610_advani_reaction_tb.shtml" platform="highweb"/></link>लेने की मांग की है.
आरएसएस की चुप्पी
जानकारों का मानना है कि आरएसएस पूरी तरह से मोदी के पक्ष में है.
मोदी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के राजनाथ सिंह के फैसले को आरएसएस का भी समर्थन हासिल था.
भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन की बात आरएसएस काफी पहले से कर रहा है.
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