स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी का फैलता जाल

- Author, ज़ुबैर अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
पिछले हफ्ते इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के <link type="page"><caption> तीन खिलाड़ियों की गिरफ़्तारी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130516_ipl_sreesanth_fma.shtml" platform="highweb"/></link> के बाद <link type="page"><caption> स्पॉट फ़िक्सिंग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130516_spot_fixing_rd.shtml" platform="highweb"/></link> का पिटारा खुलता ही जा रहा है.
मुंबई, चेन्नई कोलकाता और दूसरे शहरों में संदिग्ध सट्टेबाज़ों और खिलाड़ियों की गिरफ़्तारी से ये स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि सबके तार एक दूसरे से जुडी हैं और ये कि ये एक बहुत बड़ा धंधा है
एक अनुमान के मुताबिक आईपीएल के आख़िरी दो मैचों में 35 हज़ार करोड़ रुपए का सट्टा लगने वाला था लेकिन पुलिस कार्रवाई के कारण सट्टेबाज़ों का भारी नुक़सान हुआ है
दिल्ली पुलिस के आयुक्त नीरज कुमार ने कहा है कि सट्टेबाज़ी के मामले का दायरा बढ़ता जा रहा है. उन्होंने इस तरफ इशारा किया कि राजस्थान रॉयल्स के अलावा अनेक टीमों को जांच के दायरे में लाया जा रहा है और एक टीम के तीन भारतीय मूल के खिलाडियों पर नज़र रखी जा रही है.
सिंडिकेट
मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बीबीसी को फोन पर बताया कि सट्टेबाज़ी का धंधा आईपीएल के आख़िरी कुछ मैचों में काफ़ी बढ़ गया था और कई सिंडिकेट एक साथ काम कर रहे थे जिनके दायरे में काम करने वाले सट्टेबाज़ देश भर में फैले हुए हैं.
उन्होंने बताया, "इसके बावजूद कि मुंबई में कुछ गिरफ्तारियां हमने की हैं, हमें यकीन है सट्टेबाज़ी अब भी जारी है. इसका संकेत इस बात से मिलता है कि हमने जिन तीन सट्टेबाज़ों को गिरफ्तार किया वो राजस्थान रॉयल्स और हैदराबाद के बीच हुए मैच में सट्टा लगा रहे थे."
राजस्थान रॉयल्स के खिलाडी <link type="page"><caption> श्रीसंत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/05/130521_shreesant_film_ks.shtml" platform="highweb"/></link> और अभिनेता <link type="page"><caption> विंदू दारा सिंह</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130521_vindoo_fixing_arrested_pp.shtml" platform="highweb"/></link> की गिरफ्तारियाँ काफी अहम मानी जा रही हैं.
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार विंदू के बयान के बाद ही जांच टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक और बीसीसीआई के चेयरमैन एन श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मेयप्पन को मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है.
मुंबई और दिल्ली पुलिस में अब दौड़ इस बात की लगी है कि इस गुत्थी को कौन कितना जल्द सुलझाता है. लेकिन प्रश्न इससे भी बड़ा ये है कि क्या आईपीएल मैचों पर पूरे देश मे सट्टे की इस बीमारी को पुलिस और अदालत की कार्रवाई के बावजूद ख़त्म किया जा सकता है?
सट्टेबाज़ी की वैधता पर बहस
वाईपी सिंह एक ज़माने में मुंबई पुलिस के एक उँचे अधिकारी थे और अब एक बड़े वकील हैं. उन्होंने बीबीसी से एक मुलाक़ात में बताया कि इस बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकना कठिन है.
उन्होंने कहा, "<link type="page"><caption> सट्टेबाज़ी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130520_matchfixing_spotfixing_cricket_ipl_ns.shtml" platform="highweb"/></link> को पूरी तरह से <link type="page"><caption> ख़त्म नहीं किया जा सकता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130519_bcci_president_ra.shtml" platform="highweb"/></link>। उसे प्रभावशाली क़ानून से कम किया जा सकता है लेकिन ख़त्म नहीं किया जा सकता."
उनकी सलाह ये है कि सट्टेबाज़ी को वैध बना देना चाहिए जिससे पारदर्शिता आएगी और इसके अलावा सरकार इस पर टैक्स लगा कर पैसे भी कमा सकती है.
फिलहाल जिस खेल में कुशलता या स्किल है उसमें सट्टेबाज़ी ग़ैर कानूनी नहीं है जैसे हॉर्स रेसिंग में सट्टा लगाना वैध है लेकिन जिस खेल में नतीजा चांस या संभावना पर निर्भर है उसमें सट्टा लगाना ग़ैर कानूनी है.
क्रिकेट चांस वाले खेल में शुमार होता है जबकि सच ये है कि इसमें स्किल की भरपूर दखल है।
खेल मंत्रालय सट्टेबाज़ी को वैध बनाने की सोच रहा है. लेकिन वाईपी सिंह ये मानते हैं कि इससे स्पॉट फिक्सिंग को पूरी तरह से ख़त्म नहीं किया जा सकता.
स्पॉट फिक्सिंग को पूरी तरह इसलिए भी नहीं रोका जा सकता क्योंकि फिलहाल इसको रोकने के लिए जिस क़ानून का इस्तेमाल किया जाता है वो 140 साल पुराना है जिसे बदलने की ज़रूरत है.
<bold><italic>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहाँ क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</italic></bold>












