हम नहीं रोक सकते सट्टेबाजी: बीसीसीआई

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा है सट्टेबाजी पर रोक लगा पाना बीसीसीआई के वश की बात नहीं है, क्योंकि उसके पास पुलिस जैसी शक्तियां नहीं है.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और बीसीसीआई <link type="page"><caption> सट्टेबाजी या सट्टेबाजों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130517_ipl_controversy_cricket_vr.shtml" platform="highweb"/></link> पर नियंत्रण नहीं लगा सकती. इस मामले में उसके हाथ बंधे हुए हैं. उनके पास पुलिस जैसे गिरफ़्तारी और फ़ोन टैपिंग के अधिकार नहीं हैं.
इसके बाद भी आईसीसी की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई सीमित दायर में ही इस मामले की जांच करेगी. उन्होंने कहा,'क्रिकेट में <link type="page"><caption> सट्टेबाजी या स्पॉट फ़िक्सिंग </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130516_fixing_timeline_vk.shtml" platform="highweb"/></link>रोकने के लिए हम खिलाड़ियों को केवल शिक्षित कर सकते हैं और वह हम कर रहे हैं.'
<link type="page"><caption> आईपीएल के छठवे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130516_spot_fixing_rd.shtml" platform="highweb"/></link> संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में <link type="page"><caption> राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130516_spot_fixing_police_method_fma.shtml" platform="highweb"/></link> एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला की गिरफ़्तारी के बाद रविवार को बीसीसीआई कार्यसमिति की चेन्नई में एक आपात बैठक हुई.
तीन और गिरफ़्तार
इस बीच दिल्ली पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के नागपुर से तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक़ इन लोगों के नाम मनीष गुडेवा, सुनील भाटिया और किरण है. पुलिस इन लोगों को दिल्ली ला रही है. पुलिस के मुताबिक़ मनीष क्रिकेट खिलाड़ी हैं और रणजी ट्रॉफ़ी में खेल चुके हैं.
चेन्नई में बीसीसीआई की बैठक के बाद श्रीनिवासन ने कहा कि इस घटना के बाद अब बीसीसीआई खिलाड़ियों के एजंटों को एक्रिडिएशन देने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि अब आईपीएल की हर टीम की एक विशेष भ्रष्टाचार विरोधी इकाई होगी. खिलाड़ियों तक पहुंच की जांच को और कड़ा बनाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि स्पॉट फ़िक्सिंग मामले की जांच के लिए रवि सवानी को जांच आयुक्त नियुक्त किया गया है. वे अपनी जांच रिपोर्ट अनुशासन समिति को सौंपेंगे. इसके बाद इस मामले में दोषी पाए गए खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच में सहयोग के लिए बीसीसीआई दिल्ली पुलिस के आयुक्त से मदद मांगेगी. दिल्ली पुलिस ने ही इस मामले को उजागर किया है.
उन्होंने कहा स्पॉट फ़िक्सिंग के मामले में अभी तक केवल तीन खिलाड़ियों के ही नाम सामने आए हैं.
और मामले दर्ज होंगे

बीसीसीआई प्रमुख के अनुसार बैठक में कि राजस्थान रॉयल्स के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. उन्होंने बताया कि टीम प्रबंधन ने तीनों गिरफ़्तार खिलाड़ियों पर लोगों को धोखा देने का मामला दर्ज कराने का फ़ैसला लिया है.
एन श्रीनिवासन ने साफ़ किया कि इस मामले में बीसीसीआई अपनी ओर से खिलाड़ियों पर कोई मुक़दमा दर्ज नहीं कराएगी.
श्रीनिवासन ने कहा कि इतना सबकुछ होने के बाद भी लोग मैच देखने के लिए स्टेडियमों में पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए हम दर्शकों के आभारी है.
बीसीसीआई को सूचना के अधिकार क़ानून के दायरे में लाने के सवाल पर श्रीनिवासन ने कहा, ''हम किसी भी तरह से सरकार के दायरे में नहीं आते और न उससे किसी तरह की आर्थिक मदद लेते हैं. इसलिए आरटीआई क़ानून हम पर लागू नहीं होता है.''
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