इतालवी नौसैनिक मुकदमे के लिए भारत पहुंचे

इटली ने अपने दो नौसैनिकों को मुकदमे का सामना करने के लिए भारत वापस भेज दिया है. इन दोनों नौसेनिकों पर भारत के समुद्री तट के करीब दो <link type="page"><caption> भारतीय मछुआरों की हत्या </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/01/130104_italy_marines_return_vd.shtml" platform="highweb"/></link>का आरोप है.
गुरूवार को इटली के प्रधानमंत्री ने इटली के रक्षा मंत्री और उपविदेश मंत्री से मुलाक़ात की और इस संबंध में एक बयान जारी किया.
इटली ने बयान में कहा कि भारत ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि दोनों नौसैनिकों के साथ अच्छा सलूक किया जाएगा और उनके मौलक अधिकारों की रक्षा की जाएगी. बयान के अनुसार दोनों नौसैनिक भी इस फ़ैसले से सहमत हैं.
इटली सरकार के इस फ़ैसले का भारत ने स्वागत किया है.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सख़्त रवैये के कारण ही इटली को ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
भारत ने पिछले महीने इटली में आम चुनाव में मतदान करने के लिए इन दोनों को अपने देश जाने की इजाज़त दी थी.
जब इतालवी नौसैनिकों को कुछ समय के लिए अपने देश जाने की इजाज़त दी गई थी, तब इटली के राजदूत ने लिखित में वायदा किया था कि वे उन पर चल रहे मुकदमे का सामना करने भारत लौट आएंगे.
लेकिन बाद में मुकरते हुए इटली ने अपने नौसैनिकों का पक्ष लेते हुए कह दिया था कि उन्हें वापस भारत नहीं भेजा जाएगा.
इससे दोनों देशों के बीच <link type="page"><caption> राजनयिक विवाद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130318_italy_envoy_slammed_sy.shtml" platform="highweb"/></link> और गहरा हो गया था.
उसके बाद भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने इटली के राजदूत डेनियल मंचिनी को भारत न छोड़ने का आदेश दिया था. जबकि <link type="page"><caption> इतालवी राजदूत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130315_italy_marine_dp.shtml" platform="highweb"/></link> ने दलील दी थी कि वियना कन्वेन्शन के तहत उनके खिलाफ राजनयिक तौर पर कोई कदम नहीं उठाया जा सकता.
मामला
इटली के सैनिकों पर आरोप है कि एक साल पहले केरल के समुद्र तट के निकट उन्होंने दो भारतीय मछुआरों को गोली मार दी थी. ये सैनिक इटली के एक जहाज़ पर तैनात थे ताकि उसे समुद्री लुटेरों से बचा सकें.

नौसैनिकों का कहना है कि उन्होंने हिंद सागर में भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरे समझ कर उन पर गोलियां चला दीं थी.
हत्या के आरोप में गिरफ्तार हुए दोनों इतालवी नौसैनिकों को पिछले साल भारत में हिरासत में ले लिया गया था.
इटली में आम चुनाव में मतदान करने के लिए इन दोनों को अपने देश जाने की अनुमति मिली थी.
इससे पहले दिसंबर 2012 में भी उन्हें क्रिसमस मनाने के लिए इटली जाने की अनुमति मिली थी जिसके बाद वे भारत लौट आए थे. तब केरल हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार दोनों इतालवी नौसैनिकों ने छह करोड़ रुपये की बैंक गांरटी दी थी और दो हफ्तों के भीतर भारत वापस आने का लिखित आश्वासन दिया था.
मछुआरों के परिवारवालों से हुए एक समझौते के तहत इटली की सरकार ने मारे गए दोनों मछुआरों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषण की थी, लेकिन अब ये मामला दोनों देशों के बीच एक राजनयिक विवाद का रूप ले चुका है.












