ओडिशा :पोस्को प्रस्तावित प्लांट के पास बम विस्फोट

ओडिशा के जगतसिंहपुर ज़िले में पोस्को के प्रस्तावित स्टील प्लांट इलाके में स्थित पाटना गांव में शनिवार को हुए बम विस्फोट से कम से कम दो लोगों के मारे जाने और पांच अन्य लोगों के घायल होने की खबर है.
हालांकि अनाधिकृत सूत्रों के अनुसार विस्फोट में मरने वालों की संख्या चार है.
विस्फोट में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए जगतसिंहपुर के एसपी सत्यब्रत भोई ने टेलीफोन पर बताया कि यह हादसा शनिवार शाम उस समय हुआ जब पाटना गांव के कुछ लोग बम बना रहे थे. उन्होंने कहा कि शुक्रवार देर रात भी उसी इलाके में बम फोड़े जाने की पुलिस को जानकारी है.
गौरतलब है कि पाटना गांव पोस्को विरोधियों का गढ़ माना जाता रहा है.
आरोप
दूसरी तरफ <link type="page"> <caption> पोस्को विरोधी</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/03/120330_posco_clearence_sm.shtml" platform="highweb"/> </link> आंदोलन चला रहे पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति के अध्यक्ष अभय साहू ने बम बनाने के आरोप का जोरदार खंडन करते हुए उल्टा आरोप लगाया है कि पोस्को समर्थकों ने उनके समर्थकों पर बम से हमला किया जिसमे उनके तीन समर्थकों की मृत्यु हो गयी और पांच अन्य घायल हो गए.
उन्होंने कहा है कि यह हमला उस समय हुआ जब समिति के समर्थक पाटना गांव में एक बैठक कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "उन लोगों ने हम पर इसलिए हमला किया कि हम लोग पाटना गांव से बालितुथ तक प्रस्तावित सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं."
सरकार और प्रशासन की ओर से सूचना मिल रही है की पोस्को परियोजना के लिए <link type="page"> <caption> भूमि अधिग्रहण</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/06/110618_posco_ss.shtml" platform="highweb"/> </link> का काम, जिसे लोगों के सख्त विरोध के कारण पिछले महीने रोक दिया गया था, रविवार से फिर शुरू होने वाला है.
पोस्को
डेढ़ वर्ष के बाद तीन फरवरी को भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हुआ था, लेकिन चार दिन बाद ही उसे रोक दिया गया था.
पॉस्को कंपनी उड़ीसा के जगतसिंहपुर जिले में स्थित पारादीप के निकट यह प्लांट लगा रही है.
एक करोड़ बीस लाख टन सालाना क्षमता वाले इस प्लांट के लिए कंपनी ने पहले 51,000 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान व्यक्त किया था.
पॉस्को ने ओडिशा में एक इस्पात संयंत्र लगाने के लिए 22 जून, 2005 को ओडिशा सरकार के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया था.
कंपनी की योजना हर साल 120 टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था.
लेकिन ये परियोजना स्थानीय स्तर पर होने वाले विरोध और <link type="page"> <caption> पर्यावरण मंत्रालय</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/2010/10/101019_posco_panel_ac.shtml" platform="highweb"/> </link> की मंजूरी को लेकर काफी विवादों में रही.












